नफरत की विचारधारा के समर्थकों को रचनात्मक कार्यों में शामिल करने की जरूरत: वेंकैया नायडू

Samachar Jagat | Sunday, 12 May 2019 04:33:07 PM
Need to include supporters of hate ideology in constructive work:  m. Venkaiah naidu

नई दिल्ली। आतंकवाद की बढ़ती बुराई को लेकर चिंता जताते हुए उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि नफरत की विचारधारा के समर्थकों को रचनात्मक कार्यों में शामिल करने की जरूरत है, ताकि तबाही को टाला जा सके। नायडू ने यहां 16 वें संयुक्त राष्ट्र वेसाख दिवस में अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रों के बीच संघर्षों की मूल वजह नफरत के विचार में और व्यक्तिगत सोच में है। 

गौरतलब है कि वेसाख को बुद्ध जयंती के रूप में मनाया जाता है। उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि दुनिया में आतंकवाद की बढ़ती बुराई इस विनाशकारी भावना का प्रदर्शन है। नफरत की विचारधाराओं के समर्थकों को रचनात्मक कार्यों में शामिल करने की जरूरत है ताकि बेकसूरों की मौत और तबाही को टाला जा सके। इस कार्यक्रम में वियतनाम के प्रधानमंत्री नगुयेन शुआन फुक, म्यामां के राष्ट्रपति विन मयित और नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली सहित अन्य शामिल हुए। 

उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि बुद्ध का शांति और करूणा का संदेश एक विचारधारा प्रदान करता है तथा यह दुनियाभर में साम्पद्रायिक और विचाराधारा चालित हिसा का प्रभावी जवाब है। हमें भगवान बुद्ध के आदर्शों को कायम रखने के लिए साथ मिल कर काम करने के वास्ते कहीं अधिक सकारात्मक माहौल बनाने तथा वैश्विक समुदाय की नीतियों एवं आचरण में शांति, सह अस्तित्व और समावेशिता एवं करूणा को बढ़ावा देने की जरूरत है...।

उप राष्ट्रपति ने कहा कि भारत वसुधैव कुटुंबकम और शांतिपूर्ण सह - अस्तित्व के विचार में यकीन रखता है। इस बारे में स्पष्ट मान्यता है कि शांति के बगैर सतत विकास नहीं हो सकता और सतत विकास के बगैर भी शांति कायम नहीं हो सकती। 

उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि बौद्ध धर्म का सबसे बड़ा योगदान इसका संतुलित रूख (मध्यम मार्ग) है। यदि वैश्विक नेतृत्व इस रूख को अपना सकता है तो यह संभव है कि संघर्ष टल जाए। यह लोगों को कट्टरता, धर्मांधता और फैंटीसिज्म से भी दूर करता है...। यह समकालिक कट्टरपंथ और धार्मिक रूढ़िवाद का उपचार है। उन्होंने (बुद्ध ने) जो धम्म का मार्ग हमें दिखाया, वह हमें टिकाऊ शांति की दुनिया तलाशने में हमारा नेतृत्व कर सकता है।

कुछ लोगों को परेशानी है कि मतदान के बीच मोदी ने आतंकवादियों को क्यों मारा: नरेंद्र मोदी

भ्रष्टाचारी जेल जाने के डर से एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरे: योगी आदित्यानाथ



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2019 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.