भारतीय मूल के लोगों में अंग प्रतिरोपण की समस्याओं से निपटने के लिए ब्रिटेन में नया कानून

Samachar Jagat | Sunday, 05 Aug 2018 11:56:01 AM
New law in the UK to deal with problems of organ transplantation in people of Indian origin

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लंदन। देश में भारतीय मूल के लोगों में प्रतिरोपण के लिए अंगों की तत्काल आवश्यकता को पूरा करने के लिए ब्रिटेन की सरकार ने अंग और ऊतक दान देने संबंधी कानून में परिवर्तन की नई योजनाओं की आज घोषणा की। अंग और ऊतक दान करने में सहमति से जुड़ी नई प्रणाली के इंग्लैंड में 2020 से प्रभावी होने की संभावना है। इस योजना को जीवन-रक्षक प्रतिरोपण का बेसब्री से इंतजार कर रहे अश्वेत, एशियाई और अल्पसंख्यक जातीय समूह (बीएएमई) के लोगों को मदद पहुंचाने के तौर पर देखा जा रहा है।

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इस नई प्रस्तावित सहमति प्रणाली के तहत वह लोग भी सरकार द्वारा वित्तपोषित राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) अंग दान रजिस्टर (ओडीआर) में अपना निर्णय दर्ज करा पाएंगे जो अंग दान नहीं करना चाहते हैं। मानसिक स्वास्थ्य एवं असमानता पर ब्रिटेन की अवर विदेश मंत्री जैकी डोयल प्राइस ने बताया, ल्ल निसंदेह अंग दान बेहद निजी इच्छा का मामला है और कई लोगों में इस तरह के निर्णय में उनकी मान्यताएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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उन्होंने कहा, ल्ल हम लोगों को उनका बयान दर्ज कराना और उनके फैसले को दोस्तों, परिवारों और एनएचएस कर्मचारियों से साझा करना बेहद आसान बनाना चाहते हैं ताकि वह अपनी इच्छाओं को लेकर आत्मविश्वासी रह सकें। कोई अंग दान करना चाहे है या नहीं उसका हमेशा सम्मान किया जाएगा। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब हाल की एक रिपोर्ट में एनएचएस से कहा गया था कि वह ब्रिटेन में रह रहे भारतीय मूल के लोगों में अंग दान का स्तर कम होने की वजह से हुई मौतों पर सक्रिय रूप से निर्णय लें।- एजेंसी

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