पाक का ध्यान आतंकवाद के जरिए भारत की क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करने पर: भारत

Samachar Jagat | Thursday, 06 Sep 2018 01:19:49 PM
Pakistan focus on weakening India territorial integrity through terrorism: India

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान द्बारा कश्मीर मुद्दा उठाए जाने के बाद कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इंडिया ने कहा कि दशकों से पाकिस्तान का ध्यान राष्ट्र नीति के तौर पर 'आतंकवाद के स्पष्ट इस्तेमाल’ के जरिए भारत की क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करने पर रहा है।

ST-SC एक्ट का विरोध: सवर्ण समाज के आह्वान पर आज भारत बंद

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में शांति की संस्कृति पर उच्च स्तरीय फोरम को संबोधित करते हुए एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा। उन्होंने कहा कि विदेशी कब्जे और आत्म निर्णय के अधिकार सहित मौलिक अधिकार ना देने से कब्जे वाले इलाके के लोगों और शोषितों के बीच अन्याय की भावना को बढ़ावा मिलता है।

उन्होंने मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के पूर्व उच्चायुक्त जेद राद अल हुसैन द्बारा कश्मीर पर जारी हालिया रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीर और फलस्तीन में लोगों के दर्द और पीड़ा से ज्यादा स्पष्ट यह और कहीं नहीं है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में मंत्री श्रीनिवास प्रसाद ने कहा कि शांति की संस्कृति महज कोई सिद्धांत नहीं है जिस पर चर्चा की जाए बल्कि यह देशों के बीच वैश्विक संबंधों में सक्रिय रूप से स्थापित होनी चाहिए।

कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए प्रसाद ने कहा कि यह विडंबना है कि पाकिस्तान ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए 'न्याय और आत्म निर्णय’ के लिए एक अनुमानित चिता की आड़ में भारतीय क्षेत्र पर एक बार फिर दावा जताने के लिए इस मंच का इस्तेमाल करना चुना जिसका दशकों से ध्यान देश की एक नीति के तौर पर आतंकवाद के स्पष्ट यूज के जरिए भारत की क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करने पर रहा है।

सलमान खान से शादी करने के लिए मुंबई पहुंची लड़की, घर के बाहर जाकर किया ऐसा!

उन्होंने दोहराया कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि एक लोकतंत्र के तौर पर भारत ने हमेशा लोगों की पसंद का पालन किया है और वे आतंकवाद तथा चरमपंथ द्बारा इस आजादी को कमजोर नहीं होने देगा। प्रसाद ने कहा कि भारत का चिरकालिक सिद्धांत 'वसुधैव कुटुम्बकम’ या 'विश्व एक परिवार है’ की अवधारणा का रहा है।

महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अहिंसक क्रांति सत्ता पर काबिज होने का कार्यक्रम नहीं है। यह संबंधों में बदलाव का कार्यक्रम है। प्रसाद ने कहा कि'वैदिक युग से लेकर महान शिक्षक महावीर और बुद्ध से लेकर गांधी तक भारत का संदेश हमेशा शांति की संस्कृति की जरुरत के बारे में रहा है।

शायद यह शांति की संस्कृति की विरासत के कारण है जिसने भारत का निर्माण किया जो विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों का सामंजस्यपूर्ण मिश्रण है। उन्होंने कहा कि भारत भगवान बुद्ध का जन्म स्थान है तो दुनिया में मुस्लिमों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी इस देश में है। प्रसाद ने कहा कि हम इस विरासत को लेकर सचेत एवं गौरवान्वित हैं और इसलिए शांति की संस्कृति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता स्वाभाविक और सहज है।



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.