म्यामां हिंसा के एक वर्ष पूरा होने पर रोहिंग्या समुदाय ने 'इंसाफ' की मांग की

Samachar Jagat | Saturday, 25 Aug 2018 02:26:59 PM
Rohingyas demanded justice on completion of one year of Myanmar violence

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कोक्स बाजार (बांग्लादेश)। म्यामां में रोहिंग्या समुदाय के लोगों पर सेना की कार्रवाई को एक साल पूरा होने के मौके पर शनिवार को समुदाय ने 'इंसाफ' की मांग की है। म्यामां के रखाइन प्रांत में गत वर्ष 25 अगस्त को सेना ने रोहिंग्या मुसलमानों पर हमला किया था, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने ''जातीय सफाया’’ करार दिया था।

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सेना की इस क्रूर कार्रवाई के बाद करीब 7,00,000 लोगों ने बांग्लादेश शरणार्थी शिविरों में पनाह ली थी। आज हजारों लोगों ने शांतिपूर्ण मार्च निकाला और हमें संयुक्त राष्ट्र से इंसाफ चाहिए के नारे लगाते हुए रैलियों का हिस्सा बने। एक बड़े बैनर पर रोहिग्या नरसंहार दिवस, 25 अगस्त :फिर कभी नहीं’’ लिखा था।

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कुछ लोग बान्दाना पहने भी दिखे जिन पर लिखा था ''रोहिग्या को बचाएं’’ जबकि अन्य लोग हाथ में झंडे लिए दिखे। कार्यकर्ताओं ने 'एएफपी’ से कहा कि यहां अधिक मार्च और सभाएं करने की भी योजनाएं बनाई गईं थीं, जो दुनिया में शरणार्थियों का सबसे बड़ा शिविर बन चुका है।

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'मेडिसिन्स सेन्स फ्रंटियर्स’ (एमएसएफ) के अनुसार रोहिग्या लोगों ने गत वर्ष 25 अगस्त को म्यामां पुलिस चौकियों पर हमला किया था, जिसके बाद रखाइन प्रांत में यह खूनी कार्रवाई शुरू हुई। हिसा के एक महीने के भीतर ही करीब 7000 रोहिंग्या मारे गए थे।

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इसके अलावा कई रोहिंग्या लोग बांग्लोदश राहत शिविरों में सुरक्षित पनाह पाने के लिए चलकर या कमजोर नौकाओं पर सवार होकर वहां पहुंचे थे। बलात्कार, प्रताड़ना और गांवों को जलाकर राख करने जैसी घटनाएं भी इस दौरान हुईं।

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