नशीद को दी गई सजा अस्पष्ट कानूनों पर आधारित : संरा

Samachar Jagat | Tuesday, 17 Apr 2018 02:44:10 PM
sentence given to Nasheed based on vague laws: Narra

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार समिति ने कहा कि मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद को आतंकवाद के आरोपों पर दी गई सजा अस्पष्ट कानूनों पर आधारित थी और इसमें गंभीर खामियां है और देश को राष्ट्रपति के पक्ष में खड़े होने का अपना अधिकार बहाल करना चाहिए।

देश के पहले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित नेता नशीद (50) को अपने कार्यकाल के दौरान प्रमुख आपराधिक न्यायाधीश अब्दुल्ला मुहम्मद की मनमाने ढंग से की गई गिरफ्तारी को लेकर मार्च 2015 में आतंकवाद के आरोपों में 13 साल की जेल की सजा सुनाई गई।

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समिति ने चार अप्रैल को दिए अपने फैसले मे कहा कि जिस न्यायिक प्रक्रिया के तहत नशीद को सजा दी गई वह अस्पष्ट कानून पर आधारित थी , उसमें गंभीर खामियां है और इसमें निष्पक्ष मुकदमे के उनके अधिकार का उल्लंघन किया गया। समिति के इस फैसले को कल सार्वजनिक किया गया।

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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति की सदस्य सारा क्लीवलैंड ने कहा कि केवल असाधारण परिस्थितियों और कुछ स्थितियों में ही राजनीतिक अधिकारों को रद्द या सीमित किया जा सकता है। समिति ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस फैसले में सुधार करना मालदीव की जिम्मेदारी है। 



 

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