सुषमा स्वराज बोलीं, संयुक्त राष्ट्र से हिन्दी में समाचार बुलेटिन का प्रसारण शुरू 

Samachar Jagat | Saturday, 18 Aug 2018 06:24:44 PM
Sushma Swaraj says, news bulletin broadcast from United Nations in Hindi

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

पोर्ट लुई। हिन्दी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता दिलाने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शनिवार को कहा कि इस विश्व संस्था से हिन्दी में साप्ताहिक समाचार बुलेटिन का प्रसारण शुरू हो गया है और हिन्दी में एक ट्विटर एकाउंट भी खोला गया है।

जयललिता की मौत की जांच कर रहे पैनल ने एम्स के डॉक्टरों को बुलाया

11वे विश्व हिन्दी सम्मेलन के दौरान उद्घाटन संबोधन में सुषमा स्वराज ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र से हिन्दी में सप्ताहिक समाचार बुलेटिन का प्रसारण शुरू किया गया है। यह प्रतिदिन भी प्रसारित हो सकता है लेकिन इसके लिए 2 साल तक इसके प्रसारण को देखा जाएगा, रेटिग तैयार की जाएगी और प्रतिक्रिया अच्छी होगी तब इसका दैनिक प्रसारण भी हो सकता है।

उन्होंने कहा कि अब हम हिन्दी भाषी लोगों की जिम्मेदारी है, इसे बढ़ावा दें। गौरतलब हैं कि अभी ये हिन्दी समाचार बुलेटिन प्रत्येक शुक्रवार को प्रसारित हो रहा है। विदेश मंत्री ने कहा कि हिन्दी में संयुक्त राष्ट्र में ट्विटर एकाउंट भी खोला गया है। इसके साथ ही वेबसाइट पर प्रमुख दस्तावेज हिन्दी में डाल दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि विश्व हिन्दी सचिवालय का स्थायी भवन बनकर तैयार हो गया है और राष्ट्रपति रामनाथ कोविद इसका उद्घाटन कर चुके हैं। इसमें एक स्थाई अधिकारी को नियुक्त किया जा चुका है। सुषमा स्वराज ने कहा कि हिन्दी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता दिलाने में कुछ बाधाएं हैं। 

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता प्रदान करने के लिए प्रस्ताव को दो तिहाई बहुमत से पारित करने के साथ समर्थन करने वाले सभी सदस्य देशों को इस पर होने वाले खर्च के लिए अंशदान करना होता है। उन्होंने कहा कि हिन्दी को आधिकारिक भाषा का दर्ज़ा दिलाने के संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र में 129 देशों का समर्थन जुटाना कठिन काम नहीं है।

हमने योग दिवस को मान्यता दिलाने में 177 देशों का समर्थन जुटाया है। विदेश मंत्री ने कहा कि लेकिन आधिकारिक भाषा के संदर्भ में सदस्य देशों को वोट से समर्थन देने के साथ आर्थिक खर्च भी साझा करना पड़ता है। अगर इसका पूरा खर्च भी हमें देना पड़े, तब भी हम इसके लिए तैयार हैं।

केरल में बाढ़ आपदा, 25 करोड़ की वित्तीय सहायता देगा तेलंगाना

उन्होंने कहा कि मैंने संसद में भी कहा था कि 40 करोड़ रूपये तो क्या 400 करोड़ रूपये खर्च लगेगा, तो देने को तैयार हैं। लेकिन संयुक्त राष्ट्र का नियम है कि समर्थन करने वाले देशों को ही व्यय बांटना होता है। सुषमा स्वराज ने कहा कि यही स्थिति जर्मनी और जापान के समक्ष भी है। ये दोनों देश भी अपनी भाषा को इस विश्व निकाय की आधिकारिक भाषा बनाना चाहते हैं, लेकिन उनके समक्ष भी यही बाधा आ रही है। 

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures


 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!



Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.