ब्रेक्जिट पर हार के बाद टेरेसा मे ने अविश्वास प्रस्ताव में जीत दर्ज की

Samachar Jagat | Thursday, 17 Jan 2019 07:35:55 PM
Teresa won vote of confidence after defeat on the break

लंदन। ब्रिटिश संसद में पेश अविश्वास प्रस्ताव में जीत दर्ज करने के बाद ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने विपक्षी सांसदों से अपील की है कि वे अपने निजी हितों को दरकिनार कर एक नए ब्रेक्जिट समझौते के लिए उनके साथ मिलकर काम करें। इससे पहले सांसदों ने यूरोपीय संघ (ईयू) से अलग होने के लिए पेश उनका समझौता भारी मतों से खारिज कर दिया था।

गत 26 वर्ष में  किसी ब्रिटिश सरकार के खिलाफ संसद में पहली बार लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 325 सांसदों ने मे सरकार का समर्थन किया जबकि 306 सांसदों ने विरोध में मतदान किया। बुधवार को लाये गए इस प्रस्ताव पर मे ने 19 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। 

अविश्ववास प्रस्ताव गिरने के बाद 62 वर्षीया मे ने 10 डाउनिग स्ट्रीट के बाहर कहा कि सरकार ने संसद का विश्वास जीत लिया है। उन्होंने कहा कि इसने अब हम सबको ब्रेक्जिट पर आगे काम करने के लिए ध्यान केंद्रित करने का अवसर प्रदान किया है। 

ब्रिटेन 1973 में यूरोपीय संघ (ईयू) में शामिल हुआ था। 28 सदस्यीय ईयू से अलग होने के लिए 29 मार्च तय है। प्रस्तावित अलगाव में करीब दो माह शेष होने के बावजूद ब्रिटेन में अभी तक अनिश्चय की स्थिति है। मे ने विपक्ष के साथ बातचीत के बाद तैयार की गई ब्रेक्जिट की वैकल्पिक रणनीति के साथ सोमवार को संसद में लौटने का वादा किया।

कंजरवेटिव नेता ने कहा कि ज्यादातर ब्रितानी लोग चाहते हैं कि हम ब्रेक्जिट समझौता जल्द से जल्द कर लें और उनसे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर भी ध्यान दें। उन्होंने ब्रेक्जिट समझौते पर विपक्षी नेताओं से निजी हितों को दरकिनार कर रचनात्मक ढंग से मिलकर काम करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा यह आसान काम नहीं होगा, लेकिन सांसदों को पता है कि उनका कर्तव्य है कि वे राष्ट्रहित में काम करें, कोई आम सहमति बनाकर इस काम को पूरा करें। मे ने कहा कि अब सांसदों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे क्या नहीं चाहते।

हम सब को यह तय करने के लिए रचनात्मक तरीके से मिलकर काम करना चाहिए कि संसद क्या चाहती है। मे ने कहा कि उनका मानना है कि ब्रिटेन के लोगों के यूरोपीय संघ छोड़ने के निर्देश को मानना उनका कर्तव्य है। इससे पहले प्रस्ताव पर छह घंटे तक चली बहस के दौरान लेबर पार्टी नेता जेरमी कोरबाइन ने तर्क दिया कि मे के जोंबी प्रशासन ने शासन का अधिकार खो दिया है। 

कोरबाइन ने यह स्पष्ट किया कि कोई भी सकारात्मक चर्चा तभी संभव है जब प्रधानमंत्री ब्रेक्जिट समझौते की संभावना खारिज कर दें। अपनी जीत के बाद मे ने सांसदों से कहा कि वह जनमत संग्रह के नतीजे को अंजाम तक पहुंचाने और यूरोपीय संघ छोड़ने के लिए इस देश के लोगों से किये गए वादे को पूरा करने के लिए काम जारी रखेंगी।

उन्होंने ब्रेक्जिट पर कोई रास्ता तलाश करने के लिए सभी पार्टियों के नेताओं को अलग से बैठक के लिए आमंत्रित किया। आज रात से शुरू होने वाली इन बैठकों के लिए उन्होंने सभी से इस मुद्दे पर रचनात्मक भावना के साथ संपर्क का आह्वान किया है।

उन्होंने कहा कि इसलिए मैं आगे की ऐसी राह तलाश करने के लिए सभी दलों के सांसदों को मिलकर काम करने के लिए आमंत्रित करती हूं, जिसे लोकमत और संसद का समर्थन हासिल हो। डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट पार्टी ने भी ब्रेक्जिट समझौते पर मतभेदों के बावजूद मे की सरकार का समर्थन किया। 



 

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