अनंत चतुर्दशी पर मंदिरों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

Samachar Jagat | Monday, 24 Sep 2018 08:02:27 PM
Anant Chaturdashi is a great pilgrimage in temples

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

जयपुर। भाद्रपद शुक्ला चतुर्दशी रविवार को अनन्त चतुर्दशी के अवसर पर दिगम्बर जैन धर्मावलम्बियों ने पूरा दिन धर्म-ध्यान, त्याग-तपस्या में लीन रहकर मंदिरों में दिनभर पूजा पाठ किया। भट्टारक जी की नसियां, पं. टोडरमल स्मारक भवन, श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र चूलगिरी में श्रीजी के कलश एवं सांयकाल श्रीजी के कलशाभिषेक किए गए। 


इस दिन श्रद्धालुओं ने अपने प्रतिष्ठान भी बंद रखेे। दोपहर में विधानमण्डल पर 24 तीर्थंकरों की अष्टद्रव्य से साजों के साथ पूजा की। तारो की कूट के सूर्य नगर स्थित श्री शान्तिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में रविवार को अनन्त चतुर्दशी मनाई गई। इस मौके पर प्रात: अभिषेक, शान्तिधारा के बाद सामूहिक पूजा विधान किया गया। दोपहर में चौबीस तीर्थंकरों की पूजा भक्ति भाव से की गई एवं सायंकाल मंदिरों में श्रीजी के कलश पश्चात माल एवं आरती की गई।  

खोह नागोरियान स्थितश्री शान्तिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र शान्तिनाथ जी की खोह, जयपुर में अनन्त चतुर्दशी के मौके पर समाजसेवी विनोद जैन कोटखावदा व कमल बैद के नेतृत्व में चौबीस तीर्थंकरों की पूजा की गई। पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर त्रिवेणी नगर में दशलक्षण महापर्व पर रविवार को अनन्त चतुर्दशी पर्व भक्तिभाव से मनाया गया। मंदिर में सुबह से ही धर्माॢथयों की भीड़ लगी रही। प्रात: भगवान की शांतिधारा, सामूहिक पूजन हुई। 

दोपहर में चौबीस विधान मण्डल व सांय को सामूहिक कलशाभिषेक पश्चात महाआरती हुई। रात्रि में शास्त्र वाचन हुआ। श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर 10बी स्कीम गोपालपुरा में रविवार को शांतिधारा पवन मुकेश गोधा ने की। इसके पश्चात सामूहिक उत्तम ब्रह्मचर्य पर पूजा एवं चौबीस विधान पूजा की गई। संयोजक जीवन कुमार जैन सायंकाल श्री शांतिनाथ भगवान के अभिषेक हुए तथा पश्चात श्रीजी की माल नेमीचंद, मुकेश- सुरेखा एवं परिवार रहे इसके पश्चात सामूहिक आरती की गई।

श्रद्धालुओं ने किया उपवास
जैन धर्म के सबसे बड़े महापर्व दशलक्षण के अंतिम दिन अनन्त चतुर्दशी के मौके पर रविवार को हजारों जैन श्रद्धालुओं ने निराहार रहकर मंदिरों में पूजा-अर्चना कलशाभिषेक व उपवास किओ। शहर के 250 से भी अधिक जैन मंदिरों में 60 हजार से भी ज्यादा जैन श्रद्धालुओं ने एक दिवस का उपवास रखा है। एक माह के उपवास 6 श्रद्धालुओं ने किए हैं। 16 दिवस के 2 श्रद्धालुओं ने तथा 10 दिन के 70 श्रद्धालुओं ने किए हैं। 5 दिन व 3 दिन के उपवास करने वाले लगभग 2 हजार श्रद्धालु हैं। सोमवार 24 सितम्बर को शहर के कई मंदिरों से तपस्वियों की शोभायात्राएं निकलेंगी। इनमें बैण्ड बाजे, बग्घी, महिला एवं युवा मण्डलों के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहेंगे।

भगवान वासुपूज्य को चढ़ाया निर्वाण लड्डू
दिगम्बर जैन समाज के दशलक्षण पर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म मनाया गया। इस अवसर पर जैन मन्दिरों में चौबीस तीर्थंकरों के साथ भगवान वासुपूज्य एवं अनंतनाथ कि पूजा कि गई और भगवान वासुपूज्य के निर्वाण के उपलक्ष में मोक्ष कल्याणक लड्डू चढ़ाया गया। सायंकाल विशेष कलशाभिषेक के साथ माल का आयोजन हुआ। 

प्रताप नगर स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में प्रात: अभिषेक एवं शांतिधारा के बाद दशलक्षण मण्डल विधान पूजन सहित भगवान अनंतनाथ, भगवान वासुपूज्यनाथ कि पूजा कि गई। इस अवसर पर भगवान वासुपूज्यनाथ को मोक्ष कल्याणक लड्डू चढ़ाया गया। सायंकाल भगवान को पांडुकाशिला पर विराजमान कर स्वर्ण कलशों से विशेष अभिषेक किए गए।

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!



Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.