असफलता एक चुनौती है, उसे स्वीकार करो : आचार्यश्री

Samachar Jagat | Wednesday, 22 Aug 2018 11:35:37 AM
Failure is a challenge, accept it: Acharyaree

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सवाई माधोपुर। आचार्य सुकुमालनंदी जी महाराज ने कहा कि असफलता एक चुनौती है, उसको स्वीकार करना चाहिए, क्या कमी रह गई देखो और सुधार करो, जब तक सफल नहीं हो जाओ, नींद चौन सब का त्याग कर देना चाहिए और संघर्ष का मैदान कभी छोडक़र भागना नहीं चाहिए। 

क्योंकि लहरों से हारे हुए व्यक्ति की नौका पार नहीं होती और कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। कुछ किए बगैर ही इस दुनिया में किसी की जय-जयकार नहीं होती। हमेशा ध्यान रखना सच्ची श्रद्धा लगन से मेहनत करते जाना चाहिए, क्योंकि सच्ची लगन से जो मेहनत करता है उसकी मेहनत कभी बेकार नहीं होती। आचार्यश्री ने उक्त विचार श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र चमत्कारजी मंदिर आलनपुर में धर्मसभा में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मन का विश्वास ही सबसे बड़ा विश्वास है, हमेशा इस विश्वास को बनाए रखना चाहिए। 

जिंदगी दो दिन की होती है। कभी असफलता मिलती है और कभी सफलता मिलती है। सफलता पर ज्यादा खुश नहीं होना चाहिए और असफलता पर ज्यादा निराश नहीं होना चाहिए। धर्मसभा में मंगलाचरण मुकेश तोरावत सलूंबर ने किया और मुंबई से पधारे महिला मंडल मंगलाचरण की प्रस्तुति दी। प्रवचन सभा में मुंबई, उदयपुर, सलूंबर, बांसवाड़ा, जयपुर, नावां सिटी, हैदराबाद के श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थे।

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