जैसी करनी वैसी भरनी : मुनिश्री

Samachar Jagat | Thursday, 11 Jan 2018 10:05:18 AM
Fill it like that: Munishri

किशनगंज-मदनगंज। मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज ने कहा कि परमात्मा सृष्टि का कर्ता नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति स्वयं अपनी करनी के अनुसार अपना संसार बनाता है। जैसा आप संसार बनाना चाहते हो वैसा ही संसार आप बना सकते हैं।

ये पंक्तियां प्रमाणित करती है कि प्राणी अपने भावों के अनुसार अपने संसार का निर्माण करता है और अपने भावों के अनुसार ही संसार को नष्ट करता है। भावों के द्वारा ही तुम संसार को नष्ट कर सकते हो और भावों के द्वारा ही तुम संसार को बढ़ा सकते हो। भावना भव वर्धिनी भावना भव नाषिनी होती है। सभी का प्रयास यही होना चाहिए कि अपने संसार का नाश कर मोक्ष को प्राप्त कर सके। मोह नहीं करना चाहिए। 

मोही प्राणी अंतिम क्षणों तक उस दौलत के द्वारा क्या-क्या नहीं करता जिसे दौलत के कारण भाई-भाई के खून का प्यास हो जाता है। तन के प्रति मोह नहीं करना चाहिए, सत्ता का मोह नहीं करना चाहिए, कोई भी व्यक्ति किसी भी पद पर स्थिर रूप से नहीं रहता, जिन जिन को भी कुर्सी मिली है उनकी कुर्सी छूटी है। जीवन जीने की कला के साथ-साथ जो मृत्यु की कला से परिचित हो जाते हैं वह पतित से पावन, भक्त से भगवान बन जाते हैं। संदेह से उपर उठने वाला व्यक्ति ही महान बन सकता हैं। समर्पण श्रद्घा, आस्था को आप मजबूत बनाए रखेंगे तो निश्चित ही आप महान बन सकते हैं अर्थात् संस्कारों को मजबूर करना चाहिए।

अरे सुधारक जगत की मत कर चिंता यार
मेरा ही मन जगत है पहले इसे सुधार॥

प्रचार-प्रसार मंत्री ने बताया कि गुरुवार प्रात: 7:30 बजे से विघ्नहर श्री 1008 मुनि सुव्रतनाथ भगवान के अभिषेक एवं शांतिधारा के बाद मुनिश्री सुधा सागर जी महाराज के प्रवचन प्रात: 9 बजे ज्ञानोदय तीर्थ क्षेत्र नारेली स्थित प्रवचन पण्डाल में होंगे। इसके बाद 10:30 बजे मुनिश्री की आहारचर्या, 12 बजे सामायिक व सांय 5:30 बजे महाआरती एवं जिज्ञासा समाधान का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।



 

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