‘गिरिराज भगवान के दर्शन मात्र से दुख नष्ट हो जाते हैं’

Samachar Jagat | Monday, 03 Sep 2018 01:25:24 PM
'Grief is destroyed by mere sight of God'

कोटा। अमर निवास स्थित रामधाम आश्रम में आयोजित श्रीमद् भागवत के पांचवें दिन व्यासपीठ पर विराजमान देवकृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला का वर्णन किया।

उन्होंने कहा कि गोपियां कृष्ण प्रेम में इतना व्याकुल हो गई कि वह प्राण त्यागने तक तैयार थी, लेकिन बिरह की अग्नि में जलते हुए गोपियों को देखकर भगवान को दया आ गई और तुरंत गोपियों के समक्ष प्रकट होकर गोपियों को दिव्य रास का दर्शन कराया। शास्त्री ने कहा कि कथा गिरिराज के दर्शन मात्र से ही जीव का पाप-ताप, संताप सब नष्ट हो जाते हैं, इसलिए गिरिराज के स्वरूप में प्रभु वृन्दावन में बिराजमान हैं। 

रामधाम आश्रम के अवधेशकुमाराचार्य ने बताया कि रामधाम आश्रम पर श्रीकृष्ण जनमोत्स्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर मंदिर मे श्रीकृष्ण भगवान की झांकियां सजाई जाएगी। 3 सितंबर प्रात:काल भगवान का वैदिक विधान के साथ पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। रात्रि 8 बजे भजन संध्या, 12 बजे जन्मोत्सव व महाआरती, दर्शन व 4 सितंबर को नंदोत्सव मनाया जाएगा।



 

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