इरादा नेक व सोच सकारात्मक होनी चाहिए : मुनिश्री

Samachar Jagat | Monday, 13 Aug 2018 03:19:56 PM
Intention and thought should be positive: Munishri

देवली । संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज, मुनि महासागर जी, मुनि निष्कंप सागर जी, क्षुल्लक धैर्य सागर जी व क्षुल्लक गंभीर सागर के सानिध्य में सुदर्शनोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र नावां में भक्ति और ज्ञान की अलख जग रही है। रविवार को तीर्थ क्षेत्र पर देशभर के हजारों श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

मुनि सुधासागर के सानिध्य में हुई ज्ञान चर्चा में राज्य के कृषि मंत्री प्रभु लाल सैनी ने भी शिरकत की। इस दौरान विभिन्न धर्मों के सार का नवनीत निकला। इस अवसर पर मुनिश्री ने सत्य, अहिंसा, परोपकार, दया जैसे दिव्य लक्षणों को धर्म का मूल बताते हुए काम, कोध, लोभ, मोह, ईष्या जैसे विकार और विकृतियों से मुक्ति का मार्ग दिखाया।

मुनिश्री ने कहा कि इंसान का आत्म बल इस कदर मजबूत होना चाहिए कि वो अपने तकदीर की लकीरें भी बदल दें। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प से तूफान राह भी बदली जा सकती है, आसमान के तारे भी जमीन पर आ सकते हैं। इसके पीछे इरादा नेक व सोच सकारात्मक होनी चाहिए। जहां चाह-वहां राह का पाठ पढ़ाया।



 

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