ज्ञान सबसे उत्तम मित्र है : मुनिश्री

Samachar Jagat | Tuesday, 07 Aug 2018 11:34:49 AM
Knowledge is the best friend: Munishri

देवली। संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्या सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी ने कहा कि कमजोर व्यक्ति से दुश्मनी ज्यादा खतरनाक होती है। क्योंकि वह उस समय वार करता है जब हम कल्पना ही नहीं कर सकते हैं। वो छोटा होने के कारण आप की बराबरी तो नहीं कर पाएगा लेकिन आपकी दुश्मनी प्रताड़ना से उसके मन के भीतर जो ज्वाला उत्पन्न होगी वो किसी ना किसी रूप मे आपको जला देगी। मुनिश्री ने उक्त विचार सोमवार को  शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र ‘सुदर्शनोदय’ तीर्थ आवां में धर्मसभा में व्यक्त किए। मुनिश्री ने कहा कि जो व्यक्ति शक्ति न होने पर भी मन में हार नहीं मानता उसे संसार की कोई भी ताकत परास्त नहीं कर सकती।

 यह एक कड़वी सच्चाई है कि प्रत्येक मित्रता के पीछे स्वार्थ छुपा होता है। ज्ञान सबसे उत्तम मित्र है। उन्होंने कहा कि शिक्षित व्यक्ति को प्रत्येक जगह सम्मान मिलता है। ज्ञान ही एक ऐसा शस्त्र है जो सुंदरता और यौवन को पराजित कर देता है। कोई भी व्यक्ति शक्तिहीन नहीं होता है लेकिन उसे अपनी कमजोरी का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए वरना लोग अक्सर झुकाने का सोचते हैं। नकारात्मकता जीवन को नाकारा बना देती हैं। इसलिए हमेशा अपने आचार-विचार को सकारात्मक रखो, व्यवहार में नरमी रखो और सहयोगी बनो। यह ही सफल जीवन का मूल मंत्र है।
 



 

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