सत्य की राह दिखाता है धर्म: मुनिश्री

Samachar Jagat | Wednesday, 22 Aug 2018 11:37:14 AM
Religion shows the path of truth: Munishri

सीकर। मुनिश्री विश्रांत सागर जी महाराज ने कहा कि हिंसा  कोई धर्म नहीं है, हिंसा  करना किसी भी धर्म ग्रंथ में नहीं लिखा हुआ है, भहसा करने वाला भगवान को धोखा देता है। अर्थात अपने ईश्वर को धोखा देता है और जो ईश्वर को धोखा देता है, वह सबसे बड़ा पापी होता है। मुनिश्री ने उक्त विचार मंगलवार को दंग की नसियां पाश्र्वनाथ भवन में धर्मसभा में व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि का मनुष्य इतना स्वार्थी हो गया है कि अपने फायदे के लिए कुछ भी कर जाता है और उसे अपने धर्म से जोड़ देता है। बल्कि धर्म तो वह राह है जो सत्य संयमशील की ओर ले जाता है। जो अभहसा धर्म को मानता है वह आज के युग में सबसे बड़ा धर्मात्मा है। भारत वह धरती है जहां हर जीव को समानता के साथ जीने का अधिकार है पर अगर कोई किसी जीव की हत्या करता है तो वह भारत जैसी पवित्र भूमि में रहने के लायक नहीं।

 मुनिश्री में कहा कि लोकसभा-विधानसभा में सांसदों, विधायकों के चुनाव होते हैं पर मंदिरों में अगर चुनाव होते हैं तो वह कषाय है, मंदिर, चर्च, मस्जिद, गुरुद्वारा यह तो परमेश्वर के स्थान है। संचालन के लिए अगर चुनाव होते हैं तो गलत है। यहां तो केवल निर्विरोध चुनाव होने चाहिए। जहां चुनाव होते हैं वहां पक्ष विपक्ष होता है, इसलिए दो भागों में विभाजित हो जाता है फिर पंथवाद शुरू हो जाता है। धर्मसभा में मांगलिक क्रिया मदनलाल भरतिया द्वारा की गई। धर्मसभा में सकल दिगंबर जैन समाज श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थे



 

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