नेपाल की सीमा से सटा ये शक्तिपीठ है लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र

Samachar Jagat | Wednesday, 10 Oct 2018 02:54:03 PM
Devipatan Temple is main center of peoples faith

धर्म डेस्क। देवीपाटन मंदिर उत्तर प्रदेश में बलरामपुर जिले के भारत नेपाल सीमा से सटे तुलसीपुर तहसील क्षेत्र के पाटन गांव मे सिरिया नदी के तट पर स्थित है। देवी पाटन मंदिर नेपाल सीमा से सटा होने के कारण अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। कैसे हुई इस शक्तिपीठ की स्थापना, क्या है इसकी कहानी आइए जानते हैं इसके बारे में.....

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार दक्ष प्रजापति के यहाँ आयोजित अनुष्ठान में अपने पति इष्टदेव देवाधिदेव महादेव को न्योता और स्थान न दिए जाने से क्षुब्ध माँ जगदम्बा स्वयं को अग्नि को भेंट कर सती हो गई। माता के सती होने से आक्रोशित महादेव अत्यंत दुखी हुए और माता सती के शव को कंधे पर रखकर तांडव करने लगे। शिव तांडव से धरती थर्राने लगी। इससे संसार मे व्यवधान उत्पन्न होने लगे।

संसार को विनाश से बचाने के लिए भगवान विष्णु ने सती के अंगो को सुदर्शन चक्र से खण्डित कर दिया और विभिन्न इक्यावन स्थानों पर गिरा दिया। जिन-जिन स्थानों पर माता के अंग गिरे वह स्थान शक्तिपीठ माने गए। मान्यता है कि पाटन गांव में मां जगदम्बा का बांया स्कंद पाटम्बर समेत गिरा। तभी से इसी शक्तिपीठ को मां पाटेश्वरी देवी पाटन मंदिर के नाम से जाना जाता है। यहां एक गर्भगृह भी स्थित है जहां माता सीता का पाताल गमन हुआ था।

( इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है । )

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