शास्त्रों के अनुसार हर व्यक्ति होता है अपनी पत्नी का चौथा पति, जानिए कैसे?

Samachar Jagat | Sunday, 12 May 2019 09:15:34 AM
Everybody is the fourth husband of his wife, know how

धर्म डेस्क। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि आप अपनी पत्नी के चौथे पति हैं। ऐसा किसी एक पुरूष के साथ नहीं होता है। हर शादीशुदा पुरूष अपनी पत्नी का चौथा पति होता है। आपसे पहले आपकी पत्नी के तीन और पति होते हैं। आपने जिस लड़की से शादी की है, भले ही वह लड़की कुंवारी हो और उसकी पहली बार शादी आपसे ही हुई हो। मगर, क्या आपको पता है कि इसके बावजूद आप उसके चौथे पति होंगे। यानी आपकी पत्नी के आपसे पहले भी तीन पति हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा हर व्यक्ति के साथ कैसे हो सकता है, आपसे पहले आपकी पत्नी के तीन पति कैसे हो सकते हैं और तीन ही क्यों तीन से ज्यादा या कम क्यों नहीं। 

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आपको ये जानकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। दरअसल ये एक वैदिक परंपरा है जो सदियों से चली आ रही है। वैदिक परंपरा में नियम है कि स्त्री अपनी इच्छा से चार लोगों को अपना पति बना सकती है। इसी वैदिक परंपरा के कारण ही द्रौपदी एक से अधिक पतियों के साथ रही थी। इस नियम को बनाए रखते हुए और स्त्री को पतिव्रत की मर्यादा में रखने के लिए विवाह के समय ही स्त्री का संकेतिक विवाह तीन देवताओं से करा दिया जाता है।

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इसमें सबसे पहले किसी भी कन्या का पहला अधिकार चन्द्रमा को सौंपा जाता है, इसके बाद विश्वावसु नाम के गंधर्व को और तीसरे नंबर पर अग्नि को कन्या का अधिकार सौंपा जाता है। आखिर में कन्या का अधिकार उसके पति को सौंपा जाता है। पंडित के द्वारा पढ़े जा रहे मंत्रों का अर्थ सही तरह से जानने पर आपको पता चलेगा कि शादी के समय जब आप मंडप में बैठे होते हैं, तो आपके सामने ही आप से पहले आपकी दुल्हन का अधिकार तीन लोगों को सौंपा जाता है और इस तरह आप बन जाते हैं अपनी ही पत्नी के चौथे पति। 

( इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है । )

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