हनुमान जयंती स्पेशल: जानिए! अमरत्व का वरदान प्राप्त हनुमान जी कब करेंगे अपने शरीर का त्याग

Samachar Jagat | Friday, 19 Apr 2019 09:38:45 AM
Hanuman Jayanti Special:  Learn! When will Hanuman ji death

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धर्म डेस्क। भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार हनुमान जी का जन्म ज्योतिषिय गणना के अनुसार 1 करोड़ 85 लाख 58 हजार 112 वर्ष पहले चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्रा नक्षत्र व मेष लग्न के योग में सुबह 6.03 बजे हुआ। हनुमानजी का अवतार भगवान राम की सहायता के लिए हुआ और पृथ्वी पर जिन सात मनीषियों को अमरत्व का वरदान प्राप्त है, उनमें बजरंगबली भी हैं।  

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कलयुग के अंत में ही हनुमान जी अपना शरीर छोड़ेंगे

हनुमान जी की जयंती को लेकर विद्वानों में मतभेद हैं, हनुमान के कुछ भक्त उनकी जयंती प्रथम चैत्र पक्ष पूर्णिमा को मनाते हैं तो कुछ कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को हनुमान जन्मोत्सव मनाते हैं। मान्यता के अनुसार हनुमान जी हिंदुओं के एकमात्र ऐसे देवता हैं जो सशरीर आज भी विद्यमान हैं और कलयुग के अंत में ही हनुमान जी अपना शरीर छोड़ेंगे।

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बल और बुद्धि के दाता हैं हनुमान 

हनुमान जी को बुद्धि और बल का दाता कहा जाता है, रामचरितमानस के उत्तरकांड में भगवान राम ने हनुमान जी को प्रज्ञा, धीर, वीर, राजनीति में निपुण आदि विशेषणों से संबोधित किया है। जो भी व्यक्ति हनुमान जी की भक्ति करता है उसे वह बल और बुद्धि प्रदान करते हैं।

हनुमान की भक्ति से मिलती है भूत-प्रेत बाधाओं से मुक्ति 

हनुमान चालीसा या हनुमान अष्टक पढ़ने मात्र से ही व्यक्ति के सारे संकट दूर हो जाते हैं। भूत-प्रेत बाधाओं और शनि के प्रकोप से बचने के लिए हनुमान जी की भक्ति सबसे उत्तम है। 

(आपकी कुंडली के ग्रहों के आधार पर राशिफल और आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में भिन्नता हो सकती है। पूर्ण जानकारी के लिए कृपया किसी पंड़ित या ज्योतिषी से संपर्क करें।)

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