शिवालयों में बाबा की पूजा-अर्चना के लिए देशी-विदेशी शिवभक्तों का सैलाब उमड़ा

Samachar Jagat | Tuesday, 21 Aug 2018 12:53:08 PM
In the pavilions, there was a lot of foreign and foreign devotees for worshiping Baba.

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लखनऊ। पवित्र सावन मास के चौथे और अंतिम सोमवार को सांस्कृतिक नगरी वाराणसी समेत समूचे उत्तर प्रदेश में शिवालय बम बम भोले के उदघोष और घंटे घडियाल की ध्वनि से गूंजते रहे। इस दौरान कुछ स्थानों पर रिमझिम बरसात तो कहीं उमस भरी गर्मी के बीच श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर देवाधिदेव का गंगाजल और दुग्ध से अभिषेक कर पूजा अर्चना की और परिवार की सुख - समृद्धि की कामना की। वाराणसी, इलाहाबाद, अयोध्या, गढ़मुक्तेश्वर, बरेली, कानपुर और लखनऊ समेत लगभग समूचे राज्य में वातावरण सारा दिन शिवमय बना रहा।

वाराणसी से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार सावन के आखिरी सोमवार को विश्वप्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर समेत तमाम शिवालयों में बाबा की पूजा-अर्चना के लिए देशी-विदेशी शिवभक्तों का सैलाब उमड़ा पड़ा। गेरुआ रंग में रंगी शिव नगरी में चारों तरफ अछ्वूत छटा बिखरी हुई थी तथा बंब-बंब भोले, बोलो बम, हर-हर महादेव के जयकारे एवं घंटियों की आवाज से गूंज रही थी। धार्मिक मान्यता है कि ज्येष्ठा नक्षत्र में भगवान शिव की पूजा करने से हर प्रकार के शत्रुओं पर विजय की प्राप्ति होती है।

घरेलू विवाद समाप्त होने के अलावा संतान सुख और नौकरी प्राप्ति जैसी मनोकामनएं पूर्ण होती हैं। यही वजह है कि अंतिम सोमवार को शिवालयों में शिवभक्तों का तांता लगा हुआ था। विश्वनाथ मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त के दौरान बाबा का जलाभिषेक करने के लिए दूर-दूर से आए हजारों कांवडिएं रविवार देर शाम से ही कतारों में खड़े होने लगे थे। रविवार दोपहर बाद तेज बारिश के बाद यहां का मौसम सुहाना हो गया था। कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह हजारों शिवभक्तों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक एवं दुग्धाभिषेक किया। झांसी में सावन के आखिरी सोमवार को मंदिरों मे शिवभक्तों की जबरदस्त भीड़ रही। इस दौरान पुलिस ने किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए।

मढिया मोहल्ला स्थित महाकालेश्वर मंदिर में हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं के साथ हजारों की संख्या में बच्चे, बूढे़ , जवान और महिलाओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान सभी मंदिरों और विशेष कर हिंदू युवा वाहिनी के जलाभिषेक कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था की। इलाहाबाद में मनकामेश्वर मंदिर और हनुमत निकेतन में सावन का अंतिम सोमवार को तड़के से लगी श्रद्धालुओं की कतार देर शाम तक जारी थी। भीड को ध्यान में रखते हुये सुरक्षा के समुचित इंतजाम किए गए थे। शिवालयों में पुलिस और पीएसी के जवानों को सुरक्षा में लगाया गया था।

लखनऊ के मनकामेश्वर मंदिर में सावन के आखिरी सोमवार को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कानपुर के परमट में गंगा तट पर स्थित बाबा आनंदेश्वर मंदिर में भोर दो बजे से भक्तों की लंबी कतार दर्शन के लिए लग चुकी थी। ग्रीनपार्क मैदान से आगे तक उमस भरी गर्मी की परवाह किए बगैर भोले के भक्त कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान पुलिस और पीएसी के जवान जोश से लबरेज भक्तों की भीड को व्यवस्थित करते दिखायी पडे। इसके अलावा नागेश्वर, वनखंडेश्वर और सिद्धेश्वर मंदिर में शिव भक्तों ने बम बम भोले के सिंहनाद के साथ बाबा का जलाभिषेक किया और बेलपत्र एवं पुष्प आदि से श्रृंगार कर महादेव से सुख समृद्धि का वरदान मांगा। इस दौरान सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए थे।

राम की नगरी अयोध्या में प्राचीन पौराणिक मंदिर नागेश्वरनाथ और क्षीरेश्वरनाथ में सावन के सोमवार में कडी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। मान्यता है कि नागेश्वरनाथ मंदिर का निर्माण भगवान राम के बेटे कुश ने करवाया था। यह भगवान शिव को समर्पित मंदिर है जहां शिवरात्रि और सावन के सोमवार के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। बाराबंकी के लोधेश्वर महादेवा में कांवडियों की भारी भीड ने शिव का जलाभिषेक किया जबकि हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर महादेव का पूजा अर्चन किया। -एजेंसी

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