इस एक मंत्र में छिपा है संसार का पूरा ज्ञान

Samachar Jagat | Thursday, 12 Apr 2018 09:35:07 AM
In this one mantra, the complete knowledge of the world is hidden

धर्म डेस्क। गायत्री मंत्र एक ऐसा मंत्र है जो हर प्रकार की परेशानी को इंसान के जीवन से दूर करता है। जिस प्रकार बीज में विशालकाय बरगद का वृक्ष छिपा होता है ठीक वैसे ही गायत्री मंत्र के 24 अक्षरों में संसार का पूरा ज्ञान छिपा है। गायत्री मंत्र का जाप करने से मन और वाणी पवित्र तो होती है।

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साथ ही इस मंत्र का जाप करने से स्वास्थ्य, यश, प्रसिद्धि, धन-दौलत मिलती है। इस एक मंत्र में जीवन का रहस्य छुपा हुआ है। आइए आपको बताते हैं इस एक मंत्र के हर शब्द के अर्थ के बारे में .....

गायत्री मंत्र :-

ऊँ भूर्भवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गोदेवस्य धीमहि, धियो योनः प्रचोदयात्

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गायत्री मंत्र का अर्थ :-

ऊँ = स्वर जो आध्यात्म से भरा है, मूलध्वनि है
भू = धरती या भूमि
भुर्वः= वातावरण
स्वः= अंतरिक्ष या स्वर्ग
तत् = वह
सवितुर = सूर्य या तेजोमय
वरेण्यं = नमन या वरण करने योग्य

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भर्गो = महत्ता या शक्ति
देवस्य = भगवान
धीमहि = ध्यान करना
धियो = ज्ञान
यो = कौन, उनके सिवा
नः = हमारे या हमें
प्रचोदयात् = देने का आग्रह

भाव - परम पिता परमेश्वर, जो धरती, आकाश और ब्रह्मांड के स्वामी हैं, जो दिव्यमान ज्योति हैं और नमन के योग्य हैं। उस शक्तिमान देव का मैं ध्यान करता हूं और उनसे ज्ञान की याचना करता हूं।

Source-Google

(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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