देवस्थान विभाग के मंदिरों में जन्माष्टमी का आयोजन धूमधाम से

Samachar Jagat | Saturday, 01 Sep 2018 12:57:06 PM
Janmashtami is organized in the temples of Devasthan

उदयपुर। राजस्थान में देवस्थान विभाग की ओर से प्रत्यक्ष प्रभार एवं आत्मनिर्भर श्रेणी के कृष्ण मंदिरों में जन्माष्टमी का आयोजन बड़ी धूमधाम से किया जाएगा। देवस्थान विभाग के अतिरिक्त आयुक्त ने बताया कि जन्माष्टमी कार्यक्रम के तहत राजकीय प्रत्यक्ष प्रभार के 13 तथा राजकीय आत्मनिर्भर 17 मंदिरों में ये आयोजन होंगे। इनमें राजकीय प्रत्यक्ष प्रभार मंदिर के तहत जयपुर के ब्रजनिधिजी एवं बलदेवजी, जैसलमेर के गिरधारी, हनुमानगढ के मुरलीमनोहर, श्रीगंगानगर के रघुनाथजी, उदयपुर के लाखड़श्याम , प्रतापगढ के गोपालजी स्थल मंदिर, कोटा के फूलबिहारी, बूंदी के गोपालजी, डूंगरपुर के मुरलीमनोहर , भीलवाड़ा के लक्ष्मीनारायण मंदिर तथा मथुरा के राधामाधव में जन्माष्टमी का आयोजन होगा। 

इसी प्रकार राजकीय आत्मनिर्भर मंदिरों में दौसा के लक्ष्मीनारायण, अलवर के मथुराधीश , झुझुनू के गोपीनाथ, भरतपुर के बिहारीजी, करोली के राधागोपाल , जोधपुर के राजरणछोड़ एवं रसिक बिहारी , बीकानेर के लक्ष्मीनारायण एवं गोपीनाथ , चुरु के लक्ष्मीनारायण , उदयपुर के जगतशिरोमणि , राजसमन्द के चारभुजा , चितौडगढ के लक्ष्मीनारायण , झालावाड़ के द्बारकाधीश, बारां के कल्याणराय , अजमेर के मदन मोहन तथा भीलवाड़ा के चारभुजा मंदिर में जन्माष्टमी कार्यक्रम बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन्माष्टमी के मौके पर यहां के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर विशेष प्रकाश की जो व्यवस्था की गई है अब वह वर्ष पर्यन्त जारी रहेगी ,जिससे यहां आने वाले तीर्थयात्रियों को यह लगे कि वह किसी तीर्थस्थल पर आया है। उन्होंने कहा कि अगले चरण में अयोध्या , वाराणासी और फिर कुंभ में इलाहाबाद में भी इसी प्रकार की रोशनी की जाएगी। उन्होंने कहा कि गायों को सड़क पर आवारा घूमने और प्लास्टिक खाने से रोकने के लिए राज्य के प्रत्येक नगर निगम में हर पशु पक्षी, गाय, कुत्तों एवं बंदर आदि के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। उनका कहना था कि गायों , को सड़कों पर न छोंड़े तथा इस कार्य को मानव संवेदना से जोड़े।

यमुना शुद्धीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि मथुरा में यमुना में एक भी नाला न गिरे। उनका कहना था कि भारत सरकार से दिल्ली में यमुना को शुद्ध करने के लिए प्रयास करने का अनुरोध किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद का गठन मथुरा के तीर्थस्थलों के विकास , 84 कोस की परिक्रमा के सुधार एवं तीर्थस्थलों में मांस एवं मंदिरा की बिक्री को रोकने आदि के लिए किया गया है।

गोवर्धन के विकास के लिए प्रसाद योजना में भारत सरकार से 50 करोड़ की धनराशि मिली है । उन्होंने घोषणा की बरसाना में रोप वे का निर्माण अगले महीने से शुरू हो जाएगा। उन्होंने शरद उत्सव को एक माह तक चलाने और महारास करने के लिए भी निर्देश दिया। उनका कहना था कि दस एकड़ भूमि संतों की समाधि के लिए तथा दस एकड़ भूमि गायों की समाधि के लिए आवंटित की गई है। -एजेंसी 



 

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