कामिका एकादशी 2018 : समस्त पापों से छुटकारा पाने के लिए आज भगवान विष्णु को अर्पित करें ये छोटी सी चीज

Samachar Jagat | Tuesday, 07 Aug 2018 09:53:33 AM
Kamika Ekadashi 2018: To get rid of all the sins, present it to Lord Vishnu. This little thing

धर्म डेस्क। सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान श्री हरी विष्णु की पूजा की जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जो व्यक्ति कामिका एकादशी का व्रत करता है और भगवान विष्णु की पूजा करता है उसके समस्त पापों का नाष हो जाता है। इसी के साथ जो व्यक्ति कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु को तुलसी के पत्ते अर्पित करता है, वह इस संसार के समस्त पापों से दूर हो जाता है।

कामिका एकादशी के दिन दान करने का भी विशेष महत्व होता है इस दिन अगर किसी गरीब को वस्त्र, धन, फल और मिठाई का दान किया जाए तो इससे मनुष्य को किए गए पापों से मुक्ति मिलती है और उसे पुण्य फल की प्राप्ति होती है।इसी के साथ इस दिन कुछ खास उपाय करने की भी आवश्यकता होती है, आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में............

पैसों की कमी चल रही है तो कामिका एकादशी के दिन भगवान विष्णु का केसर के दूध से अभिषेक करें, जीवन में कभी धन की कमी नहीं होगी और तिजोरी हमेशा पैसों से भरी रहेगी।

अगर आप कर्ज से परेशान हैं तो आज के दिन पीपल के वृक्ष पर पानी चढ़ाएं और शाम के समय दीपक लगाएं। पीपल में भगवान विष्णु का वास होता है और इस उपाय को करने से आपको जल्दी ही कर्ज मुक्ति मिलेगी।

इस दिन माता पार्वती और भोलेनाथ का पंचामृत से अभिषेक करें और पूरे दिन व्रत करें। कामिका एकादशी के व्रत में नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।

(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

अगर आप भी चाहते हैं कि आपका नया प्लॉट वास्तुदोष से मुक्त हो तो इन चीजों का रखें ध्यान

अगर चाहते हैं कि माता लक्ष्मी आप पर रहें मेहरबान तो इस तरह से अपनी झाडू का रखें ध्यान

 



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.