जानिये, बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के कपड़े पहनने का महत्व

Samachar Jagat | Saturday, 13 Jan 2018 12:46:39 PM
Know the importance of wearing yellow clothes on Basant Panchami

 ज्योतिष डेस्क। बसंत पंचमी का महत्व - बसंत पंचमी का दिन देवी सरस्वती का सम्मान के रूप मनाया जाता है। सरस्वती शिक्षा की देवी है जो मानव को ज्ञान का धन प्रदान करती है जिसे कि जीवन का सबसे बड़ा धन कहा जाता है। हिंदू पौराणिक कथाओं में देवी सरस्वती का वर्णन सफेद कपड़ों, सफेद फूलों और सफेद मोती के साथ सफ़ेद कमल पर विराजमान एक महिला के रूप में किया गया है, जो कि गहरे पानी में खिलता है। देवी के हाथ में संगीत के लिए एक सितार जैसा दिखने वाला एक यंत्र वीणा भी होता है।

देवी सरस्वती के चार हाथ सीखने में मनुष्य के व्यक्तित्व के चार पहलुओं मन, बुद्धि, सावधानी और अहंकार को दर्शाते हैं। वह एक सफेद हंस पर सवारी करती है। हंस को पानी को दूध से अलग करने की अपनी अनोखी विशेषता के लिए जाना जाता है जो कि यह दर्शाता है कि आपके पास अच्छी और बुरी वस्तुओं के बीच भेदभाव करने के लिए स्पष्ट दृष्टि और ज्ञान होना चाहिए।

ऐसा कहा जाता है कि बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती का जन्म हुआ था। छात्र इस दिन सरस्वती की पूजा करते हैं। देवी की प्रार्थना करते हुए वे कहते है कि "हे, माँ सरस्वती मेरे दिमाग की अंधेरे को दूर करो और मुझे अनन्त ज्ञान से आशीर्वाद दो।"

 

बच्चों को इस दिन पहली बार शब्दों को पढ़ना और लिखना सिखाया जाता है क्योंकि इस दिन को बच्चे की शिक्षा शुरू करने के लिए शुभ माना जाता है। छात्र अपनी नोटबुक, पेन और शैक्षणिक वस्तुयें देवी सरस्वती की मूर्ति के पास रखते हैं और वहां उपस्थित लोगों के बीच मिठाई वितरित करते हैं।

एक दूसरी मान्यता के अनुसार इस त्यौहार के दिन सर्दियों का अंत और वसंत ऋतू का स्वागत किया जाता है। इस दिन पितृ-तारण (दिवंगत आत्मा के लिए पूजा) की जाती है और ब्राह्मणों को खाना खिलाया जाता है। इस दिन प्रेम के देवता कामदेव की भी पूजा की जाती है।

बसंत पंचमी का उत्सव - 'पीला' इस उत्सव का प्रमुख रंग है क्योंकि यह रंग फल और फसलों के पकने का प्रतीक है। इस मौसम के दौरान उत्तर भारत में सरसों की फसल खेतों में खिलती है जिस से प्रकृति को पीला आवरण मिल जाता है। इस दिन लोग पीले कपड़े पहनते हैं, देवी को पीले फूल चढ़ाते हैं और अपने माथे पर हल्दी का तिलक लगाते हैं। वे मंदिरों में जाते हैं और विभिन्न देवताओं की पूजा करते हैं। इस त्यौहार के लिए नए कपड़े खरीदे जाते हैं और इस विशेष अवसर के लिए कई स्वादिष्ट व्यंजन भी बनाए जाते है।



 

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