जानिए! क्यों पहना जाता है लहसुनिया रत्न, क्या हैं इसके लाभ

Samachar Jagat | Friday, 13 Jul 2018 05:33:30 PM
Know why are worn gemstone, what are its benefits

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धर्म डेस्क। आज के समय में अंगुली में रत्न धारण करना आम बात हो गई है कुछ लोग तो मात्र फैशन के लिए बिना सोने समझे कोई भी रत्न धारण कर लेते हैं लेकिन ऐसा करना सही नहीं है क्योंकि अगर बिना ज्योतिषी की सलाह के कोई भी रत्न धारण किया जाए तो इससे फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है। रत्न अनेक प्रकार के होते हैं, हम आपको यहां लहसुनिया रत्न क्यों धारण किया जाता है और इसके क्या लाभ होते हैं इसके बारे में बता रहे हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में ....

ज्योतिष शास्त्र में लहसुनिया को केतु का रत्न माना गया है, ये हल्के पीले रंग का होता है। जो लोग सरकारी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए ये रत्न बहुत ही लाभदायक होता है। 

जिन लोगों को भूत-प्रेत बाधाएं परेशान करती हैं उन्हें भी इस रत्न को धारण करने से लाभ होता है। 

जिन जातकों की कुंडली में दूसरे, तीसरे, चौथे, पांचवें, नवें और दसवें भाव में केतु उपस्थित होता है उन्हें लहसुनिया रत्न पहनने से लाभ होता है। 

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कुंडली में केतु धनेश, भाग्येश या चौथे भाव के स्वामी के साथ हो या उनके द्वारा देखा जा रहा हो तो भी लहसुनिया पहनना चाहिए।

ऐसे धारण करें लहसुनिया रत्न :-

आपको बता दें कि इस रत्न को ऐसे ही धारण नहीं करना चाहिए इसे सोमवार के दिन कच्चे दूध व गंगाजल से धोकर अनामिका अंगुली में निम्नलिखित मंत्र के उच्चारण के साथ धारण करनी चाहिए -

ओम स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं सः केतवे नमः

(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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