जानिए! क्यों मनाया जाता है ईद का त्योहार, मुसलमानों के लिए क्या है इसका महत्व

Samachar Jagat | Wednesday, 05 Jun 2019 01:30:53 PM
Know why is celebrated the festival of Eid  What is the significance for Muslims

धर्म डेस्क। रमजान के 30वें रोजे के बाद चांद देखकर ईद मनाई जाती हैं। ईद-उल-फितर को मीठी ईद भी कहा जाता हैं। दरअसल ईद एक तौहफा है जो अल्लाह अपने बंदों को महीने भर के रोजे रखने के बाद देते हैं। कहा जाता है कि ईद का दिन मुसलमानों के लिए इनाम का दिन होता है। इस दिन को बड़ी ही आसूदगी और आफीयत के साथ गुजारना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा अल्लाह की इबादत करनी चाहिए।

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 ईद का यह त्यौहार ना सिर्फ मुसलमान भाई मनाते हैं बल्कि सभी धर्मो के लोग इस मुक्कदस दिन की खुशी में शरीक होते हैं। 624 ईस्वी में पहला ईद-उल-फितर मनाया गया था। इस्लामिक कैलंडर में दो ईद मनाई जाती हैं। दूसरी ईद जो ईद-उल-जुहा या बकरीद के नाम से भी जानी जाती हैं। ईद-उल-फितर का यह त्यौहार रमजान का चांद डूबने और ईद का चांद नजर आने पर नए महीने की पहली तारीख को मनाया जाता हैं। रमजान के पूरे महीने रोजे रखने के बाद इसके खत्म होने की खुशी में ईद के दिन कई तरह की खाने की चीजे बनाई जाती हैं।

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सुबह उठकर नमाज अदा की जाती हैं और खुदा का शुक्रिया अदा किया जाता हैं कि उसने पूरे महीने हमें रोजे रखने की शक्ति दी। नए कपड़े लिए जाते हैं और अपने दोस्तों-रिश्तेदारों से मिलकर उन्हें तोहफे दिए जाते हैं और पुराने झगड़े और मन-मुटावों को भी इसी दिन खत्म कर एक नई शुरुआत की जाती हैं। इस दिन मस्जिद जाकर दुआ की जाती हैं और इस्लाम मानने वाले का फर्ज होता हैं कि अपनी हैसियत के हिसाब से जरूरत मंदों को दान करे। इस दान को इस्लाम में जकात उल-फितर कहा जाता हैं।
 



 

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