जानिए! क्यों धारण किया भगवान शिव ने अर्धनारीश्वर स्वरूप, क्या है इसके पीछे की रोचक कथा

Samachar Jagat | Thursday, 25 Apr 2019 08:53:09 AM
Learn Why is Lord Shiva holding Ardhanarishvara Swaroop what is the interesting story behind it

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धर्म डेस्क। भगवान शिव के अनेक रूवरूप हैं और उनका हर एक स्वरूप संसार को ज्ञान प्रदान करता है। हम यहां भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप की बात कर रहे हैं कि आखिर क्यों धारण किया भगवान शिव ने ऐसा स्वरूप और क्या कारण था इसके पीछे, आइए विस्तार से जानते हैं इस रोचक कथा के बारे में .................

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पौराणिक कथा के अनुसार, जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया तो मानव, जीव-जंतुओं को उत्पन्न तो कर दिया लेकिन सृष्टि का विकास नहीं हो पा रहा था और इसी वजह से ब्रह्मा जी काफी चिंतित हो गए और वे सृष्टि के पालनकर्ता श्री हरी विष्णु जी के पास पहुंचे। विष्णु जी ने ब्रह्मा जी को भगवान शिव की स्तुति करने को कहा। ब्रह्मा जी की स्तुति से प्रसन्न होकर शिवजी ने उनकी इच्छा जानी और जब ब्रह्माजी ने बताया कि वे सृष्टि के विकास को लेकर चिंतित हैं तो शिव ने अर्धनारिश्चर स्वरूप धारण कर ब्रह्माजी को समझाया कि सृष्टि के विकास के लिए नर और मादा दोनों का होना आवश्यक है। 

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बिना स्त्री और पुरूष के सृष्टि का विकास संभव नहीं है और दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। इस प्रकार भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप ने सृष्टि को स्त्री-पुरूष समानता का संदेश दिया, ये स्वरूप बताता है कि स्त्री और पुरूष दोनों का सृष्टि के चक्र को चलाने में समान हाथ है। 

(आपकी कुंडली के ग्रहों के आधार पर राशिफल और आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में भिन्नता हो सकती है। पूर्ण जानकारी के लिए कृपया किसी पंड़ित या ज्योतिषी से संपर्क करें।)

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