नाग पंचमी पर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे भगवान नागन्द्रेश्वर

Samachar Jagat | Tuesday, 14 Aug 2018 12:45:08 PM
Lord Nagandreshwar will visit devotees on Nag Panchami

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उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन में भगवान नागचन्द्रेश्वर के मंदिर का पट 15 अगस्त को खुलेगा। वर्ष में एक दिन 24 घंटे के लिए खुलने वाला इस मंदिर का पट 14 अगस्त की मध्य रात्रि से खुलेगा। हिंदू धर्मावंलियों में हालांकि कैलाश मानसरोवर, बाबा अमरनाथ, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमनौत्री सहित अन्य मंदिर के पट एक दिन से अधिक समय के खोले जाते है, जबकि देश में एक मात्र भगवान नागचंदेश्वर का मंदिर है जिसके पट नागपंचमी के एक दिन पूर्व 24 घंटे के लिए खोले जाते है। विश्व प्रसिद्ध भगवान महाकालेश्वर मंदिर के विशाल परिसर में तीन खंडो में विभक्त है। मंदिर के सबसे नीचले खंड पर महाकालेश्वर, दूसरे खंड पर ओकारेंश्वर एवं तीसरे खंड पर नागचन्द्रेश्वर का मंदिर स्थित है। इस मंदिर का पट नागपंचमी पर्व के एक दिन पहले 24 घंटे के लिए खुलता है। 

यह मंदिर काफी प्राचीन है और माना जाता है कि परमार राजा भोज ने 1050 ईस्वी में इस मंदिर का निर्माण करवाया था। इसके बाद सिंधिया घराने के महाराज राणोजी सिंधिया ने 1732 में महाकाल मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था। उस समय इस मंदिर का भी जीर्णोद्धार हुआ था। कहा जाता है इस मंदिर में दर्शन करने के बाद व्यक्ति किसी भी तरह के सर्पदोष से मुक्त हो जाता है। भगवान नागचंद्रेश्वर की प्रतिमा परमारकालीन है। महाकाल मंदिर में स्थापित शिवलिंग की सुरक्षा के लिए जब शिखर का निर्माण किया गया, उस समय गर्भगृह के ऊपर शिवलिंग की स्थापना की गई, जिसका नाम ऊंकार रखा गया। इसी प्रकार ऊंकार मंदिर के ऊपर नागचंद्रेश्वर की मूर्ति की स्थापना की गई। मूल रूप से नागचंद्रेश्वर की मूर्ति नेपाल से लाई गई थी। 

ऐसी मान्यता है कि महाकाल मंदिर का क्षेत्र चारों ओर से वन से घिरा था, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से इस प्रकार का निर्माण कार्य किया गया। गहन वन क्षेत्र में होने से सामान्य रूप से भक्त ऊपर दर्शन करने नहीं जाते थे, इसलिए वर्ष में एक बार नागचंद्रेश्वर के मन्दिर को खोलकर वहां साफ-सफाई एवं पूजा-अर्चना की जाती थी। बाद में इसने परम्परा का रूप ले लिया और वर्ष में एक बार नागचंद्रेश्वर भगवान के पट खुलने लगे। नागपंचमी पर्व पर भगवान श्री नागचन्द्रेश्वर की त्रिकाल पूजा होगी, जिसमें 14 अगस्त रात्रि 12 बजे पट खुलने के पश्चात महंत श्री प्रकाशपुरी जी एवं कलेक्टर एवं अध्यक्ष श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबन्ध समिति मनीष सिंह द्बारा पूजन किया जाएगा। शासकीय पूजन 15 अगस्त अपरान्ह: 12 बजे होगा। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्बारा 15 अगस्त को श्री महाकालेश्वर भगवान की सायं आरती के पश्चात पूजन किया जाएगा।

Nagapanchami is on August 15, Worship this serpent god in this auspicious time

इस बार दर्शनार्थियो की सुरक्षा एवं सुविधा को सामान्य दर्शनार्थियों की दर्शन व्यवस्था बदलकर बेगमबाग तिराहे से प्रवेश कर कतारबद्ध होकर महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण में प्रवेश कर भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के दर्शन करेंगे। नागपंचमी पर्व के दृष्टिगत भगवान महाकालेश्वर के दर्शन हेतु प्रवेश भस्मार्ती द्बार से रहेगा। शीघ्र दर्शन के लिए शुल्क लिए जाएंगे। नागचंदेश्वर का पट एक दिन के लिए खुलने से यहां देश ही नही विदेश में रहने वाले हजारों भक्त भगवान की दर्शन के लिए आते है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में जिला प्रशासन और मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ सुविधाजनक रूप से भगवान के दर्शन मिल सके। इसे लेकर अभी से कमर कस लिया है। सुरक्षा के व्यापक तौर पर इंतेजाम किया गया है। - एजेंसी 

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