भगवान राम ने किया इस एक वचन का पालन और हो गई भाई लक्ष्मण की मृत्यु

Samachar Jagat | Tuesday, 08 Jan 2019 02:55:23 PM
Lord Rama followed this one promise And Laxman died

धर्म डेस्क। रामायण एक ऐसा ग्रंथ है जिसमें भाईयों का आपस का प्रेम देखते ही बनता है। जब अपनी सौतेली मां कैकयी के कहने पर राम को राजपाठ त्यागना पड़ता है तो वे बिना सोच समझे अपने भाई भरत के लिए राजपाठ छोड़कर वन में जाने को तैयार हो जाते हैं। वहीं जब भरत अपने ननिहाल से लौटकर आते हैं तो वे अयोध्या के राजपाठ को स्वीकारते नहीं है और राम की तलाश में जुट जाते हैं। लक्ष्मण तो सब छोड़कर श्रीराम के साथ वन गमन करते हैं। भाईयों में आपस में इतना प्रेम होने पर आखिर क्यों राम को अपने ही भाई लक्ष्मण को मृत्युदंड की सजा सुनानी पड़ी, आइए आपको बताते हैं इस रोचक कथा के बारे में.....

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पौराणिक कथाओं के अनुसार जब एक बार यमदेव सन्यासी वेश में भगवान राम से मिलने आए तो उन्होंने श्री राम से कहा कि हम दोनों के बीच जो बात होगी वो कोई सुने नहीं, मुझे आप से यह वचन चाहिए कि यदि हमारी इस गोपनीय बातचीत के बीच में किसी ने भी व्यवधान डाला तो आप उसे प्राणदंड देंगे। भगवान राम ने यमदेव को यह वचन दे दिया और ये सोचकर की पहरेदार किसी को अंदर आने से नहीं रोक पाएगा, इसी कारण इस समस्या का हल निकालते हुए उन्होंने उस पहरेदार को वहां से हटा दिया और उसके स्थान पर लक्ष्मण को नियुक्त कर दिया और उन्हें निर्देश दिया कि कितनी भी महत्वपूर्ण बात क्यों ना हो किसी को भी प्रवेश मत करने देना।

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जब यमदेव भगवान राम से बात कर रहे थे, उसी समय महर्षि दुर्वासा भगवान राम से मिलने के लिए अयोध्या पहुंचे। जब उन्होंने लक्ष्मण से अंदर जाने को कहा तो लक्ष्मण ने मना कर दिया। यह सुनकर महर्षि दुर्वासा क्रोधित हो गए और उन्होंने कहा कि यदि तुमने मुझे अंदर नहीं आने दिया तो मैं संपूर्ण अयोध्यावासियों को भस्म करने का श्राप दे दूंगा। यह सुनकर लक्ष्मण अयोध्यावासियों को श्राप से बचाने के लिए भगवान राम के पास दुर्वासा ऋषि का संदेश लेकर पहुंचे। लक्ष्मण के अंदर पहुंचते ही यमदेव अदृश्य हो गए और भगवान राम को न चाहते हुए वचन के पालन के लिए अपने प्राणों से प्रिय लक्ष्मण को मृत्युदंड देना पड़ा।

(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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