प्रथम दिन : मां शैलपुत्री की पूजा के साथ शुरू हुए नवरात्र

Samachar Jagat | Wednesday, 10 Oct 2018 09:23:55 AM
Navratri started with the worship of Mother Shailputri

धर्म डेस्क। नवरात्र का प्रारंभ आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना के साथ होता है । कलश को हिन्दु विधानों में मंगलमूर्ति गणेश का स्वरूप माना जाता है अतः सबसे पहले कलश की स्थापना की जाती है। नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम रूप श्री शैलपुत्री का पूजन किया जाता है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण ये शैलपुत्री कहलाती हैं ।

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मां शैलपुत्री दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का पुष्प लिए अपने वाहन वृषभ पर विराजमान होती हैं। नवरात्र के इस प्रथम दिन की उपासना में साधक अपने मन को ‘मूलाधार’ चक्र में स्थित करते हैं, शैलपुत्री का पूजन करने से ‘मूलाधार चक्र’ जागृत होता है और यहीं से योग साधना आरंभ होती है जिससे अनेक प्रकार की शक्तियां प्राप्त होती हैं। इनकी आराधना से प्राणी सभी मनोवांछित फल प्राप्त कर लेता है।

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पूजा करते समय इस मंत्र का करें उच्चारण :-

वन्दे वांछितलाभाय चन्दार्धकृतशेखराम।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम्।।

( इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है । )

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