रमजान का महीना खत्म होने की दस्तक के साथ ही मीठी ईद की तैयारियां पूरी

Samachar Jagat | Thursday, 14 Jun 2018 02:16:51 PM
Preparations for Eid ul Fitr 2018

नई दिल्ली। सब्र और इबादत से पुरनूर रमजान का महीना खत्म होने की दस्तक के साथ ही मीठी ईद पर तरह-तरह के पकवान और खास तौर पर सेवंई बनाने की तैयारियां पूरे शबाब पर हैं और लोग कपड़ों से लेकर सेवंई, मेवे, खोया खरीदने के लिए बाजारों का रूख कर रहे हैं। ईद उल फित्र के मौके पर हर घर में लजीज शीर खुरमा बनाने की रवायत है। लोग नाते रिश्तेदारों के यहां ईद की मुबारक देने जाते हैं तो अन्य तमाम पकवानों के साथ मीठी सेवंई परोसी जाती हैं। दूध को घंटों उबालकर मेवों के साथ बनाई जाने वाली यह सेवइयां ईद की मिठास को और भी बढ़ा देती हैं। 

रोजेदारों को तो ईद के चांद का इंतजार होता ही है, रमजान की आखिरी रात डेयरी वाले भी आसमान की तरफ टकटकी लगाए रहते हैं क्योंकि चांद रात पर दूध की खपत लगभग दोगुनी हो जाती है और उन्हें इसके लिए पहले से तैयारी रखनी पड़ती है। पुरानी दिल्ली में रहने वाले मो. नईम का कहना है कि आज चांद रात होने की पूरी संभावना है। इसलिए दूध और सेवई खरीदने के लिए चांद के दीदार का इंतजार करना अक्लमंदी नहीं है क्योंकि चांद दिखने के बाद दुकानों पर भीड़ बहुत बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने शाम में चांद दिखने से पहले ही ईद पर शीर-खुरमा बनाने के लिए सामान खरीदने का फैसला किया है। गौरतलब है कि गुरूवार को चांद दिख जाता है तो शुक्रवार को ईद होगी। अगर ऐसा नहीं होता है फिर शनिवार को ईद का त्यौहार मनाया जाएगा। मुस्तकीम बताते हैं कि चांद दिखने के बाद सेवई और दूध खरीदने के लिए बाजार का रूख करने का नुकसान यह भी होता है कि कई बार डेयरियों पर दूध खत्म हो जाता है। इससे ईद पर सेवईं बनाने की योजना खटाई में पड़ जाती है।

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उन्होंने कहा कि अगर आज चांद नहीं हुआ तो दूध को फ्रिजर में रख देंगे जिससे वह खराब नहीं हो। शुक्रवार को ईद नहीं होने पर शनिवार को तो ईद का त्यौहार मनाया जाना ही है। रजमान के महीने में 29 या 30 रोजे होते हैं। इनकी संख्या चांद दिखने के आधार पर तय होती है। अधिकतर लोगों के लिए गुरूवार को 29वां रोजा है। इसलिए आज रात चांद दिखने की संभावना है। -एजेंसी 

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