रावण ने यहां किया था भगवान शंकर पर गंगाजल अर्पित, सावन माह में लगती है भक्तों की भीड़

Samachar Jagat | Monday, 20 Aug 2018 07:02:01 AM
Ravan had done here on the God Shankar's Gangajal,   In the month of Savan, the crowd of devotees

धर्म डेस्क। सावन माह में भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित करना बहुत ही शुभ माना जाता है, आपको बता दें कि ये प्रक्रिया अभी से शुरू नहीं हुई है। भगवान राम ने भी शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित किया था और शिव भक्त रावण ने भी भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए गंगाजल अर्पित किया था, ये स्थान आज भी भोलेनाथ के पवित्र स्थानों में से एक है और हर वर्ष सावन के महीने में यहां दूर - दूर से भक्त गंगाजल लाकर भगवान शिव पर अर्पित करते हैं, आइए आपको बताते हैं इसके बारे में.....

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मान्यता के अनुसार त्रेता युग से कांवड़ में गंगाजल भरकर पैदल यात्रा कर बैद्यनाथधाम में जल अर्पित करने की परम्परा शुरू हुई।जानकारों के अनुसार, त्रेता युग में भगवान राम का अवतार हुआ था। आनन्द रामायण के अनुसार, राज्याभिषेक के बाद भगवान श्रीराम ने अपनी पत्नी सीता और तीनों भाईयों के साथ सुल्तानगंज उत्तरवाहिनी गंगा का जल लेकर पूर्ण विधि-विधान के साथ बैद्यनाथधाम में भोलेनाथ का जलाभिषेक किया था।

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पुराणों में वर्णन है कि लंकाधिपित राजा रावण ने भी हरिद्वार से गंगाजल लाकर बैद्यनाथधाम में भगवान शंकर पर अर्पित किया था। कहते हैं द्वापर और अब कलियुग में भी कांवड़ यात्रा कर जलार्पण करने की परम्परा कायम है। इस कांवड़ यात्रा में बोल बम का विशेष महत्व है। ब्रहमा, विष्णु और महेश के संक्षिप्त नाम से बम शब्द बना है। यात्रा के क्रम में पंचाक्षरी मंत्र ओम नमः शिवाय की तरह दो अक्षरों का बम एक महामंत्र है।

( इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। )

 

 



 

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