ऋषि पंचमी : व्रत करने से अनजाने में हुए पापों से मिलती है मुक्ति

Samachar Jagat | Friday, 14 Sep 2018 05:23:59 PM
Rishi Panchami fast and pooja vidhi

धर्म डेस्क। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को ऋषि पंचमी पर्व मनाया जाता है, इस दिन सप्त ऋषियों की पूजा की जाती है। विष्णु पुराण के अनुसार इस मन्वंतर के सप्तऋषि हैंः कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि व वशिष्ठ। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत करने से अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है। आज ऋषि पंचमी व्रत है, इस व्रत को महिलाएं या पुरुष दोनों कर सकते हैं। ऋषि पंचमी का व्रत-पूजन कुंवारी कन्याओं हेतु अत्यंत फलकारी है। ऋषि पंचमी का पर्व रक्षा सूत्र बांधने अर्थात राखी के रूप में भी मनाया जाता है। आइए आपको बताते हैं कैसे करें ऋषि पंचमी का व्रत........

ऋषि पंचमी के दिन सुबह स्नान करने के बाद पूरे घर की साफ सफाई करके गंगाजल छिड़कें। 

इसके बाद जमीन को साफ करके वहां हल्दी से चौकोर मण्डल बनाएं, इस मण्डल पर सप्त ऋषियों की स्थापना करके पवित्र मन और पूरे विधि विधान से हल्दी, चंदन, पुष्प अक्षत आदि से सप्त ऋषियों का पूजन करें। 

ऋषि पंचमी के दिन व्रत करने के साथ ही ब्रह्मचर्य का पालन भी करना चाहिए।

इस दिन 108 कामों का विशेष महत्व होता है इसलिए आप स्नान से ही इसे प्रारंभ कर दें यानि 108 लोटे जल से स्नान करें। वहीं पूजा में 7 चीजों का प्रयोग करें, जो भी वस्तुएं पूजा में रखी गई हैं वे सात-सात होनी चाहिए जैसे सात पुष्प, सात फल, सात सुपारी आदि।

ऋषि पंचमी के दिन व्रत में केवल वृक्षों के पके फल ही खाएं। इस दिन जमीन से उगने वाले अन्न ग्रहण नहीं किए जाते हैं।

( इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। )

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