मलमास में कान्हा नगरी में बिखरेगी साल भर के त्योहारों की छटा

Samachar Jagat | Tuesday, 15 May 2018 02:42:53 PM
shade of festivals will spread throughout the year In Kanha Nagari in Malmas

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मथुरा। मांगलिक कार्यक्रमों के लिए निषेघ माने जाने वाले मलमास में कान्हा नगरी मथुरा में कल से साल भर के त्योहारों की छटा बिखरेगी। बुधवार से शुरू हो रहे अधिक मास में बल्लभकुल सम्प्रदाय के मंदिरों में साल भर के त्योहार मनाए जाते हैं। द्बारकाधीश मंदिर की ओर से इस बारे में विधिवत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है जबकि गोकुल, जतीपुरा के बल्लभकुल सम्प्रदाय के मंदिरों में साल भर के मनोरथ तो होते हैं लेकिन उनका कोई कार्यक्रम निर्धारित नही किया जाता। इनमें होली से लेकर दीवाली, अन्नकूट आदि के मनोरथ होते हैं।

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गोकुल के राजा ठाकुर मंदिर के प्रबंधक भीकू जी महराज ने बताया कि अधिक मास में सभी ऋतुओं के मनोरथ होंगे। भक्तों के द्बारा 15 दिन के मनोरथ निर्धारित कर दिए गए हैं शेष मनोरथ के लिए भक्तों का आना जारी है। अभी तक दानलीला, नौका विहार, फूलों की होली, सुरंग हिडोला, फलफूल हिडोला, मेवा हिडोला एवं पलना उत्सव के मनोरथ की तिथिया निर्धारित कर दी गई हैं। उनका कहना था कि जहां वर्ष भर के उत्सवों को त्योहार के रूप में मनाते हैं वहीं अधिक मास के इन्ही उत्सवों को मनोरथ कहा जाता है।

जतीपुरा के मदनमोहन मंदिर एवं मथुराधीश मंदिरों के मुखिया ब्रजेश महराज ने बताया कि बल्लभकुल सम्प्रदाय के इन दोनों  मंदिरों में मनोरथों का कोई कार्यक्रम निर्धारित नही किया जाता तथा भक्त की भावना के अनुसार इन्हें आयोजित किया जाता है। उनका कहना था कि इन मनोरथों में ठाकुर जी का सुख सर्वोपरि होता है तथा उनके दैनिक कार्यक्रमों में कोई परिवर्तन नही किया जाता और ठाकुर से लाड़ लड़ाया जाता है।

उन्होंने बताया कि इन मंदिरों में अधिक मास में कुनबाड़ा, छप्पन भोग, चुनरी मनोरथ, छाक मनोरथ, दान मनोरथ, होली, दीवाली, अन्नकूट, निकुंज मनोरथ आदि का आयोजन किया जाएगा। मनोरथ का निर्धारण कुछ घंटे पहले भी हो जाता है। उधर, बल्लभकुल सम्प्रदाय के द्बारकाधीश मंदिर में अधिक मास में आयोजित किए जानेवाले मनोरथों का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। अधिक मास के पहले दिन की शुरूवात पालना मनोरथ से होगी।

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मंदिर के जनसंपर्क अधिकारी राकेश तिवारी ने बताया कि जहां 18 मई को चांदी का पलना मनोरथ होगा वहीं 19 मई को फूलों का हिडोला मनोरथ होगा। 23 मई को नन्द महोत्सव होगा तो 27 मई को ब्यावला मनोरथ अर्थात श्यामाश्यामक विवाह का मनोरथ होगा। 28 मई को कुंज में फाग यानी होली मनोरथ होगा तो 31 मई को फूल बंगला, 30 मई को नौका विहार भी होगा।

उन्होंने बताया कि अधिक मास में घटाओं के मनोरथ भी होंगे जो सावन की याद दिलाएंगे। जहां गुलाबी घटा का मनोरथ आठ जून को होगा तो मशहूर काली घटा का मनोरथ नौ जून को एवं हरी घटा का मनोरथ 13 जून को होगा। वृन्दावन के सप्त देवालयों में मशहूर गोपीनाथ मंदिर के सेवायत आचार्य राजा गोस्वामी ने बताया कि अधिक मास मे गोपीनाथ मंदिर की परिक्रमा होती है। वैसे तो मंदिर में निष्काम सेवा ही होती है पर अधिक मास में सकाम सेवा का अनुष्ठान किया जा सकता है। 

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अधिक मास में खीरचोरा गोपीनाथ के भाव के अनुसार खीर एवं मालपुआ का भंडारा होता है। इस मंदिर में एकादशी को भी सवां के चावल की खीर बनती है। इस बीच गोवर्धन में लगने वाले अधिकमास मेले की व्यवस्थाओं की कमियों पर मेला अधिकारी अपर जिलाधिकारी प्रशासन आदित्य प्रकाश ने नाराजगी व्यक्त की और उन्हें मेला शुरू होने के पहले पूरे करने के आदेश दिए। 

चकलेश्वर से मुकुट मुखारबिन्द मंदिर में जाने वाले मार्ग को और बेहतर बनाने के आदेश उन्होंने नगर पंचायत को दिए। चकलेश्वर मंदिर के पास की गंदगी को दूर करने का भी निर्देश दिया। इस मेले के लिए 23 किलोमीटर लम्बा परिक्रमा मार्ग सज गया है। मुरमुरे यानी लाई और चिनौरी की दुकाने जहां सज गई हैं वहीं श्रृंगार सामग्री की दुकानें भी सजाई जा रही हैं। इन दुकानों ने गोवर्धन को ऐसा नया कलेवर दे दिया है कि तीर्थयात्रियों का इनकी ओर आकर्षित होना स्वाभाविक है। -एजेंसी

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