इस मंदिर में मां कौशल्या की गोद में विराजमान हैं श्री राम, पेड़ पर श्रीफल बांधने से होती है हर मुराद पूरी

Samachar Jagat | Thursday, 07 Feb 2019 02:59:25 PM
Shri Ram mother Kaushalya temple is in chhattisgarh

धर्म डेस्क। हिंदू धर्म में श्री राम को भगवान मानकर उनकी पूजा की जाती है, पूरे भारत में भगवान राम के अनेक मंदिर हैं लेकिन श्रीराम की मां कौशल्या का एक ही मंदिर है और ये मंदिर छत्तीसगढ़ के चंद्रखुरी में स्थित है। सात तालाबों से​ घिरे जलसेन तालाब के बीच में एक द्वीप है और इसी द्वीप पर मां कौशल्या का मंदिर है और श्री राम यहां पर माता कौशल्या की गोद में बैठे हुए हैं। 

कपड़े बदलते समय अगर आपकी जेब से गिर जाएं पैसे तो समझ लें ये होने वाला है आपके साथ

इसके अलावा इस मंदिर में भगवान शिव और नंदी की विशाल प्रतिमाएं हैं, मंदिर के द्वार पर हनुमानजी की प्रतिमा लगी हुई है। पौराणिक कथाओं के अनुसार यहां पर एक पेड़ के नीचे सुषेण वैध की समाधि है आपको बता दें कि रामायण के अनुसार सुषेण लंका के राजा रावण का राजवैद्य था। जब रावण के पुत्र मेघनाद के साथ हुए युद्ध में लक्ष्मण मूर्छित हो गए, तब सुषेण ने ही संजीवनी बूटी मंगाकर लक्ष्मण के प्राण बचाए थे। 

भूत-प्रेत का साया होने पर व्यक्ति को अपने हाथ में रखनी चाहिए ये चीज, आत्माएं नहीं पहुंचा सकती नुकसान

जब रावण को मारकर श्री राम वापस अयोध्या आए तो सुषेण वैध भी उनके साथ आ गए और यहीं पर उन्होंने अपने प्राणों का त्याग किया इसीलिए उनकी समाधि यहां बनाई गई। यहां पर सीताफल का एक खास पेड़ है जिसे मन्नत का पेड़ कहा जाता है। जो लोग अपनी कोई भी मन्नत लेकर यहां आते हैं वे पर्ची में नाम लिखकर उसे श्रीफल के साथ इस पेड़ पर बांध देते हैं। लोगों के मतानुसार जो भी यहां आकर कुछ मांगता है उसकी मन्नत पूरी होती है। 

(ये सभी जानकारियां शास्त्रों और ग्रंथों में वर्णित हैं, लेकिन इन्हें अपनाने से पहले किसी विशेष पंडित या ज्योतिषी की सलाह अवश्य ले लें।)

कहीं आपकी तरक्की की राह में भी तो बाधाएं उत्पन्न नहीं कर रहीं राशि अनुसार आपके अंदर की ये कमियां

भूत-प्रेत का साया होने पर व्यक्ति को अपने हाथ में रखनी चाहिए ये चीज, आत्माएं नहीं पहुंचा सकती नुकसान



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
रिलेटेड न्यूज़
ताज़ा खबर

Copyright @ 2019 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.