अमावस्या पर गंगाघाटों और शनि मंदिरों में लगी काफी भीड़, लोग कर रहे हैं दान-पुण्य

Samachar Jagat | Saturday, 11 Aug 2018 01:55:12 PM
The crowd is engaged in Gangagatta and Shani temples on the new moon, people are charity and charity

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धर्म डेस्क। सावन मास में पड़ने वाली हरियाली अमावस्या और शनिवार का संयोग होने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है। वहीं आज सूर्य ग्रहण भी पड़ रहा है, इसी कारण लोग शनि मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। वहीं लोग हरियाली अमावस्या पर प्रमुख तीर्थ स्थलों पर जाकर गंगा में डुबकी लगा रहे हैं। खबरों की मानें तो उत्तर प्रदेश तीर्थ स्थल चित्रकूट में अभी तक छह लाख से अधिक श्रद्धालु मंदाकिनी नदी में डुबकी लगा चुके हैं वहीं लोग कामदगिरि की परिक्रमा भी कर रहे हैं। 

आपको बता दें कि तीर्थ स्थल का हिंदू धर्म में काफी महत्व है, मान्यता के अनुसार जब भगवान राम वनवास पर गए तो उन्होंने 14 वर्षों में साढ़े ग्यारह वर्ष यहां पर बिताए। यहां के स्थानीय लोगों की मान्यता है कि जो लोग हरियाली अमावस्या पर कामतानाथ जी के दर्शन करके परिक्रमा और दान करते हैं उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। जो किसान इस दिन यहां आकर अन्न का दान करते हैं उनकी फसल में वृद्धि होती है। इसी मान्यता के कारण यहां पर काफी संख्या में हरियाली अमावस्या पर किसान आते हैं और अन्नदान करके पुण्य कमाते हैं।

इसी के साथ मध्यप्रदेश की क्षिप्रा नदी के साथ ही अन्य प्रमुख गंगाघाटों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई है। शनि अमावस्या होने के कारण लोग नवग्रह शनि मंदिरों में जाकर शनिदेव की विधिवत पूजा-अर्चना कर रहे हैं। जो लोग शनि मंदिरों में जा रहे हैं वे अपने कपड़े और जूते वहीं छोड़कर आ रहे हैं, ये माना जाता है कि शनि अमावस्या पर अगर अपने पहने हुए कपड़े और जूते को शनि मंदिर या गंगाघाट पर छोड़ दिया जाए तो इससे शनि के प्रकोप से मुक्ति मिलती है।

(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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