आषाढ़ शीतला अष्टमी पर कड़ा धाम में देवी मां के दर्शन करने से सारे पाप हो जाते हैं नष्ट

Samachar Jagat | Thursday, 05 Jul 2018 12:15:52 PM
the devotee is shaking his head in the mandir In Kadma Dham

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कौशांबी। देश की 51 शक्तिपीठों में शामिल देवी धाम कड़ा में आनादि काल से आषाढ़ महीने में लगने वाला शीतला अष्टमी का मेले के दौरान देश के कोने कोने से आए हुए हजारों श्रद्धालु माँ शीतला के दरबार मे माथा टेक कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। देवी माँ की अनुकंपा प्राप्त करने के लिए देवी के मंदिर में ध्वजा, पताका, निशान चढ़ाकर देवी प्रतिमा में फूल माला, चुनरी, नारियल, बताशा, दूध,वस्त्र आभूषण श्रद्धालुओं द्वारा भेंट किया जा रहा है। आषाढ़ महीने के प्रथम पखवारे में शीतला अष्टमी के नाम से प्रसिद्ध यह मेला खरीफ की फसल प्रारंभ होने के पूर्व देवी को प्रसन्न करने एवं उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की मंशा से श्रद्धालु कड़ा आकर गंगा स्नान करते है। गंगा जल लेकर देवी के चरणों के पास स्थित गंगाजल से जलहरी भरते है। देवी की परिक्रमा करने के साथ फूल माला, नारियल चढ़ाकर पूजा-अर्चना करते हैं।

अष्टमी का यह मेला आषाढ़ महीने की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा दो जुलाई से शुरू होकर नवमी सात जुलाई तक चलता है। देवी भक्तों का मानना है कि आषाढ़ शीतला अष्टमी के अवसर पर देवी के दर्शन से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। दैहिक, दैविक, भौतिक सभी संतापों से मुक्ति मिल जाती है। इसी कामना से इस मेले में पड़ोसी जिले इलाहाबाद, फतेहपुर, चित्रकूट, बाँदा, भदोही, बनारस, रायबरेली, लखनऊ, मिर्जापुर सहित अनेक जिलों से श्रद्धालु देवी दर्शन के लिए कड़ा धाम पहुच रहे हैं। आषाढ़ अष्टमी मेले में श्रद्धालु कड़ा धाम पहुँच कर अपने नवनिहाल बच्चों का मुंडन संस्कार कराते हैं। मानना है कि देवी दरबार मे मुण्डन कराने पर बालक निरोगी एवं दीर्घायु होता है। वैवाहिक जीवन मे बंधे नवीन जोड़े इस मेले पर आकर देवी के दर्शन करते हैं। पूजा-अर्चना करते हैं। 

मनोवांछित फल के लिए देवी से कामना करते हैं। असाध्य बीमारी एवं निर्धनता से मुक्ति पाने के लिए यह लोग गंगा घाट से लेकर देवी मंदिर की परिक्रमा करते हैं। इस बार यह मेला 2 जुलाई से शुरू होकर 7 जुलाई को समाप्त हो रहा है। कड़ा धाम आने वाले श्रद्धालु के रात्रि ठहरने के लिए 32 विभिन्न जातियों के सहयोग से जाति के नाम से धर्मशाला बने हुए हैं। जिनमे निःशुल्क जनसुविधाओं के अलावा निःशुल्क ठहरने की व्यवस्था है। प्रशासन द्बारा मेला कमेटी के सहयोग से मेला क्षेत्र में सफाई, पीने के पानी एवं स्वास्थ्य व्यवस्था का बंदोबस्त किया गया है। यात्रियों की सुरक्षा हेतु भारी संख्या में पुलिस के जवानों के अलावा होमगार्ड लागए गए हैं। -एजेंसी


 

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