सबसे दयालु विलेन था लंकेश 'रावण', जानिये कैसे....

Samachar Jagat | Thursday, 07 Dec 2017 04:25:50 PM
The most kind villain was Lankesh 'Ravan', know how ....

धर्म डेस्क। रावण : हीरो या विलेन - रावण से भगवान राम की पत्नी माता सीता का अपहरण कर लिया और लोगो की नजर में अब तक का सबसे बड़ा विलेन बन गया। लेकिन क्या वह वास्तव में विलेन है? उनकी इच्छाओं के बारे में जानकार आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे। यह आपको उसके बारे में सोचने के लिए मजबूर कर देंगी। यह बात आपके लिए आश्चर्यजनक होगी लेकिन रावण बहुत ही दयालु प्रवृति का था और अपनी प्रजा से बहुत प्यार करता था।

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समुद्री जल को मीठा और पीने योग्य बनाना - राक्षस राजा के रूप में ज्ञात रावण समुद्र के पानी को मीठा और पीने योग्य बनाना चाहता था। उसे यह पता चल गया था कि यह पानी पीने के लिए लायक नहीं है, इसलिए वह समुद्र के पानी को पीने लायक और अधिक उत्पादक बनाना चाहता था।

व्यक्ति की इच्छानुसार बारिश - आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि राक्षस राजा रावण चाहता था कि व्यक्ति की इच्छानुसार बारिश होनी चाहिए। वह किसानों के बारे में गंभीर रूप से ध्यान रखता था जो सूखे से पीड़ित थे। उसका मानना था कि लोगों का बारिश के भगवान के साथ एक करीबी संबंध होना चाहिए ताकि वे उनकी इच्छा के अनुसार बारिश को बुला सकें।

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सुगंध - यह बात थोड़ी अजीब लग सकती है लेकिन रावण उतना ही सुगन्धित लगना चाहता था जितना कि सोना अन्य धातुओं के बीच में लगता है। वह ऐसा इसलिए चाहता था ताकि लोगो को उस से मिलने पर सुखद एहसास हो।

माता-पिता अपने बच्चे को जीवित कर सकें - उसका मानना था कि पिता या माता-पिता के लिए अपने बच्चों से दूर रहना काफी दुखदायक होता है। उसकी इच्छा थी कि पिता के लिए उसके पुत्र को जीवित रहना ही चाहिए।

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स्वर्ग तक सीढ़ी - वह एक ऐसी सीढ़ी का निर्माण करना चाहता था कि जो सीधे स्वर्ग तक जाती हो। इस से उसका अर्थ यह था कि स्वर्ग प्राप्ति के योग्य लोग इस सीढ़ी के माध्यम से सीधे स्वर्ग जा सकें और इसी से वापिस भी आ सकें।

मानव का रक्त रंगहीन होना चाहिए - अपने जीवनकाल में रावण ने कई युद्धों का नेतृत्व किया और कई अन्य युद्ध नायकों की तरह रक्तपात और नरसंहार देखा था। हालांकि वह इन युद्धों को जीत से भी आगे देखता था। रावण ने देखा कि युद्ध की वजह से नदियां लाल रंग में बदल जाती है और पृथ्वी पर चारों ओर गंदगी और बदबू हो जाती है। इसलिए वह लोगो के स्वास्थ्य को सही रखने के लिए मानव के रक्त को रंगहीन बनाना चाहता था।

त्वचा का एक जैसा रंग - नस्लवाद सिर्फ आज की एक समस्या नहीं है, बल्कि यह कई सदियों से चली आ रही है। नस्लवाद कई तर्कहीन युद्धों का कारण रहा है और रावण के अनुसार हर इंसान की त्वचा गोरी होनी चाहिए। इस तथ्य से यह बात भी संबंधित हो सकती है कि भगवान राम गोरे थे हैं और उन्होंने स्वयंवर में सीता को जीता था।



 

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