जो व्यक्ति 16 वर्षों तक करता है ये व्रत, वह किसी भी जन्म में नहीं बनता निर्धन

Samachar Jagat | Tuesday, 12 Sep 2017 05:28:36 PM
जो व्यक्ति 16 वर्षों तक करता है ये व्रत, वह किसी भी जन्म में नहीं बनता निर्धन

इंटरनेट डेस्क। निर्धनता और दरिद्रता से मुक्ति पाने के लिए आश्विन मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी को माता महालक्ष्मी का व्रत किया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन हाथी पर सवार मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। जो व्यक्ति पूरी श्रद्धा से लगातार 16 वर्षों तक महालक्ष्मी व्रत करता है तो उस व्यक्ति को किसी भी जन्म में दरिद्रता से होने वाले कष्ट नहीं भोगने पड़ते हैं। आइए आपको बताते हैं इस व्रत की विधि....

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इस व्रत को करने से पहले भादो शुक्ल अष्टमी को स्नान करके दो दूने से सकोरे में ज्वारे (गेहूं) बोए जाते हैं। प्रतिदिन 16 दिनों तक इन्हें पानी से सींचा जाता है। ज्वारे बोने के दिन ही कच्चे सूत (धागे) से 16 तार का एक डोरा लें और हल्दी से पीला करके उसमें 16 गांठ लगाएं और 16 दिनों तक इसकी नियमित पूजा करें।

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महालक्ष्मी व्रत वाले दिन आटे का एक दीपक बनाकर 16 पूरियों के ऊपर रखें तथा पूजन करते समय इस दीपक को जलाएं, कथा पूरी होने तक दीपक जलता रहना चाहिए।.पूजा के पश्चात पूरियों को मीठे दही के साथ स्वयं खाएं। व्रत में एक समय ही भोजन करना चाहिए, अगर आप चाहें तो इस दिन श्रीयंत्र की पूजा भी कर सकते है। 

 

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