जिस वृक्ष को मात्र छूने से मिट जाती है थकान, इंद्र के श्राप के कारण नहीं लगते उस पर फल

Samachar Jagat | Monday, 03 Dec 2018 09:05:38 AM
The touch of the tree, the fatigue erupts,  Due to the curse of Indra, it does not bear fruit

धर्म डेस्क। एक वृक्ष ऐसा है जिसे मात्र छूने से व्यक्ति की थकान मिट जाती है, लेकिन इन वृक्ष पर फल नहीं आते हैं। औषधीय गुणों से भरपूर पारिजात वृक्ष को लेकर हिंदू धर्म में अनेक कथाएं प्रचलित हैं, ये माना जाता है कि इंद्र के श्राप के कारण इस वृक्ष पर फल नहीं आते हैं। आखिर क्यों दिया इंद्र ने इस वृक्ष को श्राप आइए जानते हैं इस वृक्ष से जुड़ी पौराणिक कथाओं के बारे में  ...............

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पौराणिक मान्यता के अनुसार, परिजात वृक्ष की उत्पत्ति समुंद्र मंथन से हुई थी और इसे इन्द्र ने अपनी वाटिका में रोप दिया था। हरिवंश पुराण के अनुसार पारिजात के अदभुद फूलों को पाकर सत्यभामा ने भगवान कृष्ण से जिद की कि पारिजात वृक्ष को स्वर्ग से लाकर उनकी वाटिका में लगाया जाए। श्री कृष्ण ने पारिजात वृक्ष लाने के लिए नारद मुनि को स्वर्ग लोक भेजा मगर इन्द्र ने उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया जिस पर कृष्ण ने स्वर्ग लोक पर आक्रमण कर दिया और पारिजात प्राप्त कर लिया। पारिजात छीन जाने से क्रोधित इन्द्र ने इस वृक्ष पर कभी न फल आने का श्राप दिया। 

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पारिजात वृक्ष का फूल खूबसूरत सफेद रंग का होता है जो सूखने के बाद सुनहरे रंग का हो जाता है। इस फूल में पांच पंखुडियां होती हैं। मान्यता के अनुसार, इस वृक्ष के छूने मात्र से देव नर्तकी उर्वशी की थकान मिट जाती थी और आज भी अगर कोई इस वृक्ष को छू लेता है तो वह कितना भी थका हुआ क्यों न हो इसे छूते ही उसकी सारी थकान गायब हो जाती है। 

( ये सभी जानकारियां शास्त्रों और ग्रंथों में वर्णित हैं, लेकिन इन्हें अपनाने से पहले किसी विशेष पंडित या ज्योतिषी की सलाह अवश्य ले लें। )

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