ब्रह्माजी और भगवान विष्णु में इस बात को लेकर हुआ विवाद, शिवजी ने काट डाला ब्रह्माजी का एक सिर

Samachar Jagat | Tuesday, 14 Aug 2018 07:00:01 AM
There was a dispute about this matter in Brahma and Lord Vishnu

धर्म डेस्क। ब्रह्माजी ने सृष्टि की उत्पत्ति की है, विष्णु जी सृष्टि का पालन करते हैं और शिवजी संहारकर्ता हैं। इन तीनों देवों के बिना सृष्टि का चलना असंभव है। इसी बात को लेकर एक बार ब्रह्माजी और भगवान विष्णु में विवाद छिड़ गया कि दोनों में श्रेष्ठ कौन है। आइए जानते हैं इस रोचक कथा के बारे में......

पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार ब्रह्माजी और भगवान विष्णु में विवाद छिड़ गया कि दोनों में श्रेष्ठ कौन है। ब्रह्माजी सृष्टि के रचयिता होने के कारण श्रेष्ठ होने का दावा कर रहे थे और भगवान विष्णु पूरी सृष्टि के पालनकर्ता के रूप में स्वयं को श्रेष्ठ कह रहे थे। तभी वहां एक विराट लिंग प्रकट हुआ। दोनों देवताओं ने सहमति से यह निश्चय किया कि जो इस लिंग के छोर का पहले पता लगाएगा उसे ही श्रेष्ठ माना जाएगा। 

अतः दोनों विपरीत दिशा में शिवलिंग की छोर ढूंढने निकले। छोर न मिलने के कारण विष्णुजी लौट आए। ब्रह्मा जी भी सफल नहीं हुए परंतु उन्होंने आकर विष्णुजी से कहा कि वे छोर तक पहुंच गए थे। उन्होंने केतकी के फूल को इस बात का साक्षी बताया। ब्रह्मा जी के असत्य कहने पर स्वयं शिव वहां प्रकट हुए और उन्होंने ब्रह्माजी का एक सिर काट दिया और केतकी के फूल को श्राप दिया कि पूजा में कभी भी केतकी के फूलों का इस्तेमाल नहीं होगा और न ही ब्रह्माजी की पूजा की जाएगी। इसी कारण ब्रह्माजी की पूजा नही की जाती है।

(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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