तांत्रिकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है दीपावली से पहले का ये दिन, स्मशानों में जाकर करते हैं तांत्रिक विधियां और साधना

Samachar Jagat | Monday, 05 Nov 2018 01:48:49 PM
This day before Deepawali is very important for the Tantrikas

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अहमदाबाद। गुजरात में दीपोत्सव पर्व का दूसरा दिन वाघ बारस हर घर में दीए जलाकर मनाया गया। शास्त्री दीपकभाई ने बताया कि गोवत्स द्वादशी को गुजरात में वाघ बारस कहते हैं। आज के दिन भी हरेक के घर के आंगन में दीए जलाए जाते हैं। इस दिन व्यापारी अपने सारे पुराने हिसाबों को निपटाते हैं। गुजरात में रमा एकादशी से लाभ पंचमी तक हरेक घर दीयों की रोशनी से जगमगाते नजर आते हैं। दीपकभाई ने बताया कि पांच नवंबर को धनतेरस के दिन हरेक घर में लक्ष्मीपूजन होगा और सारे घर के लोग एकत्र होकर मां लक्ष्मी की आराधना करेंगे। छह नवंबर को नरक चतुर्दशी को यहां काली चौदस कहते हैं।


इस दिन कई गांवों में माता के गरबों का आयोजन किया जाता है और हरेक के घर में तेल की तली हुई चीज अवश्य बनती है। ऐसा करने से घर में से बुरी हवा निकल जाती है और शांति स्थापित होती है। इस दिन अनेक तांत्रिकों द्वारा स्मशानों में तांत्रिक विधियां और साधना की जाती है। दीपावली के दिन सात नवंबर को शहरों बाजारों को रोशनी से दुल्हन की तरह सजाया जाएगा। बाजारों और घरों के आंगन में रंगोली बनाकर चारों तरफ खुशी के वातावरण में विशेष दीपावली पूजन होगा, पटाखे फोड़े जाएंगे। आठ नवंबर को गुजरातियों का नया साल शुरू होगा। सुबह सभी लोग जल्दी उठकर तैयार होंगे। 

नए कपड़े पहनकर सुबह चार बजे से ही भगवान के आशीर्वाद लेने मंदिर जाएंगे। उसके बाद घर के बड़ों के चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लेंगे तथा पड़ोसियों, रिश्तेदारों से मिलने उनके घरों पर जाकर साल मुबारक कहकर नए साल की बधाइयां देकर एक-दूसरे का मुंह मीठा कराएंगे। नए साल से लेकर लाभ पंचमी तक गुजरात में पांच दिन सभी बाजार बंद रहेंगे। राज्य के कच्छ-भुज, गांधीधाम, जूनागढ, जामनगर, राजकोट, पालनपुर, महेसाना, अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत समेत सभी शहरों में शनिवार को रमा एकादशी से ही दीए जलाकर दिपोत्सव पर्व शुरू हो गया। -एजेंसी


 

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