घर में लेटबाथ के एकसाथ होने से उत्पन्न होता है वास्तुदोष, उठानी पड़ती हैं ये परेशानियां

Samachar Jagat | Friday, 06 Jul 2018 07:10:01 AM
Vastu defect arises due to the accompanying let bath in the house

धर्म डेस्क। आजकल लोग अपनी सहूलियत के लिए लेटबाथ को एक साथ बना लेते हैं, वहीं कुछ लोग जगह की कमी के कारण लेट-बाथ को एक जगह बनाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में बाथरूम और टॉयलेट को एक साथ बनवाने से वास्तुदोष उत्पन्न होता है। इस दोष के कारण घर में रहने वालों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

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वास्तुशास्त्र के अनुसार स्नानगृह में चंद्रमा का वास है तथा शौचालय में राहू का। यदि किसी घर में स्नानगृह और शौचालय एक साथ हैं तो चंद्रमा और राहू एक साथ होने से चंद्रमा को राहू से ग्रहण लग जाता है, जिससे चंद्रमा दोषपूर्ण हो जाता है। चंद्रमा के दूषित होते ही कई प्रकार के दोष उत्पन्न होने लगते हैं। चंद्रमा मन और जल का कारक है और राहु विष का। इस युति से जल विष युक्त हो जाता है। जिसका प्रभाव पहले तो व्यक्ति के मन पर पड़ता है और दूसरा उसके शरीर पर। 

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दोनों ही विपरीत तत्व हैं। इसलिए बाथरूम और टॉयलेट एक साथ होने से घर के सदस्यों के बीच झगड़ा खत्म होने का नाम ही नहीं लेता है। इसी कारण वास्तु शास्त्र में लेटबाथ को एक साथ बनाना सही नहीं माना जाता है। अगर आप भी अपने घर को वास्तुदोष से मुक्त रखना चाहते हैं तो अपने घर में लेटबाथ को अलग-अलग जगहों पर बनाएं।

(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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