जानिए ! क्यों भगवान गणेश को अर्पित नहीं किए जाते हैं तुलसी के पत्ते

Samachar Jagat | Wednesday, 12 Sep 2018 09:49:19 AM
Why are not offerings to God Ganesha leaves of Tulsi

धर्म डेस्क। तुलसी को हिंदू धर्म में देवों के जितना पूजनीय माना जाता है, ये माना जाता है कि जिस घर में तुलसी होती है उस घर से नकारात्मक ऊर्जा कोसों दूर रहती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जिस घर में तुलसी का पौधा होता है वह पूजनीय स्थान होता है और वहां कोई बीमारी या मृत्यु के देवता नहीं आ सकते हैं। 

तुलसी का पौधा घर और मंदिर में लगाया जाता है, इसकी पत्तियां भगवान विष्णु को अर्पित की जाती हैं और जब भी किसी भी प्रकार की पूजा की जाती है तो उसमें तुलसी के पत्तों को काम में लिया जाता है। लेकिन आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि गणेश पूजन में तुलसी की पत्तियों को नहीं रखा जाता है। आखिर वो क्या कारण है जिसकी वजह से गणेश पूजा में तुलसी के पत्तों को काम में नहीं लिया जाता है। आइए इस पौराणिक कथा के माध्यम से जानते हैं इसके बारे में .............

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार एक बार तुलसी जंगल में अकेली घूम रही थी जब उन्होंने गणेश जी को देखा जो की ध्यान में बैठे थे। तब तुलसी ने गणेश जी के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा लेकिन गणेश जी ने यह कहकर अस्वीकार कर दिया की वो ब्रह्मचारी हैं जिससे रुष्ट होकर तुलसी ने उन्हें दो विवाह का श्राप दे दिया, प्रतिक्रिया स्वरुप गणेश जी ने तुलसी को एक राक्षस से विवाह का श्राप दे दिया। तभी से तुलसी और भगवान गणेश एक दूसरे से रूष्ट हो गए और इसलिए गणेश पूजन में तुलसी का प्रयोग वर्जित है।

( इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। )

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