जानिए! क्यों है अक्षय तृतीया का इतना महत्व

Samachar Jagat | Tuesday, 17 Apr 2018 09:34:17 AM
Why is Akshaya Tritiya so important

धर्म डेस्क। कल यानि 18 अप्रैल को अक्षय तृतीया है, अक्षय का मतलब होता है जिसका कभी क्षय ना हो यानी जो कभी नष्ट ना हो। भविष्य पुराण के अनुसार अक्षय तृतीया तिथि का विशेष महत्व है, सतयुग और त्रेता युग का प्रारंभ इसी तिथि से हुआ है, इस दिन बिना पंचांग देखे भी शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश किया जा सकता है। आइए आपको बताते हैं अक्षय तृतीया से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियों के बारे में.....

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अक्षय तृतीया के दिन माँ गंगा का अवतरण धरती पर हुआ ।

महर्षि परशुराम का जन्म अक्षय तृतीया के दिन हुआ।

माँ अन्नपूर्णा का जन्म भी अक्षय तृतीया के दिन हुआ।

द्रोपदी को चीरहरण से कृष्ण ने अक्षय तृतीया के दिन बचाया।

कृष्ण और सुदामा का मिलन अक्षय तृतीया के दिन हुआ।

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कुबेर को अक्षय तृतीया के दिन खजाना मिला।

सतयुग और त्रेता युग का प्रारम्भ अक्षय तृतीया के दिन हुआ।

ब्रह्मा जी के पुत्र अक्षय कुमार का अवतरण भी अक्षय तृतीया के दिन हुआ।

वृंदावन के बाँके बिहारी मंदिर में साल में केवल अक्षय तृतीया के दिन श्री विग्रह चरण के दर्शन होते हैं अन्यथा साल भर वो वस्त्र से ढके रहते हैं ।

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प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री बद्री नारायण जी का कपाट अक्षय तृतीया के दिन खोला जाता है ।

इसी दिन महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ।

अक्षय तृतीया अपने आप में स्वयं सिद्ध मुहूर्त है, इस दिन किसी भी शुभ कार्य का प्रारम्भ किया जा सकता है।

(source-google)

(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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