होली स्पेशल: जानिए क्यों किया जाता है होलिका दहन और कब से शुरू हुई ये परंपरा

Samachar Jagat | Tuesday, 19 Mar 2019 01:03:52 PM
Why is the Holika Dahan done

धर्म डेस्क। होली पर होलिका दहन की प्रथा सदियों से चली आ रही है, लोग हर साल होलिका दहन करते हैं लेकिन आज के बहुत कम युवा ये जानते हैं कि आखिर होलिका दहन क्यों किया जाता है। इसके पीछे की वजह क्या है। आइए आपको बताते हैं क्यों किया जाता है होलिका दहन और कब से शुरू हुई ये परंपरा ........

पौराणिक कथा के अनुसार जब हिरण्यकश्यपु ने घोर तपस्या के बाद ब्रह्मा से अमर होने का वरदान प्राप्त किया तो वह वरदान पाकर अभिमानी हो गया। वह खुद को देवता मानने लगा और उसने प्रजा को अपनी पूजा कराने के लिए मजबूर कर दिया, लेकिन हिरण्यकश्यपु का पुत्र प्रहलाद श्री हरी विष्णु का भक्त था और वह उनकी ही पूजा करता था।

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वहीं पुत्र की ये बात हिरण्यकश्यपु को पसंद नहीं थी और इसी वजह से उसने अपने पुत्र का अनेक बार वध करने का प्रयास किया लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रहलाद हर बार जीवित बच जाता। इसी वजह से भगवान  विष्णु के परम भक्त प्रहलाद का वध करने के लिए पिता हिरण्यकश्यपु ने अपनी बहन होलिका को बुलाया। होलिका ने प्रहलाद को आग में जलाने का सुझाव दिया और प्रहलाद आग से बाहर न आ जाए इसलिए वह खुद उस आग में बैठ गई क्योंकि होलिका को यह वरदान प्राप्त था कि वह आग में नहीं जलेगी।

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जब होलिका भक्त प्रहलाद को आग में लेकर बैठी तो प्रहलाद श्री हरी विष्णु के ध्यान में मग्न हो गए और गलत कार्य करने के कारण होलिका का वरदान उसके लिए अभिश्राप बन गया और वो आग में जल गई। वहीं भगवान विष्णु ने सुरक्षा कवच बनकर प्रहलाद की रक्षा की और वो आग से से सही सलामत निकल गए। प्रहलाद को जीवित देखकर सभी लोगों ने खुशियां मनाईं और उसी दिन से होलिका दहन की परंपरा प्रारंभ हुई, जिसमें बुराई जलकर राख हो गई और अच्छाई की जीत हुई। इसी वजह से हर साल बड़े ही धूमधाम से होली का त्योहार मनाया जाता है।



 

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