लोहड़ी पर्व में क्यों किया जाता है काले तिल के बीज का उपयोग, जानिये

Samachar Jagat | Thursday, 11 Jan 2018 11:18:19 AM
Why is the use of black sesame seed in Lohri festival?

ज्योतिष डेस्क।  भारतीय रसोई में मिलने वाली एक महत्वपूर्ण वस्तु काले तिल के बीजों में घर से नकारात्मकता को दूर करने की शक्ति होती है। वास्तु में काले तिल के बीजों को  शुभ माना जाता है।

वास्तु के अनुसार काले तिल के बीज उच्च रक्तचाप को कम करते हैं। कई शोधों ने इस बार को साबित कर दिया है कि तिल के बीज में एक व्यक्ति में उच्च रक्तचाप को कम करने की क्षमता होती है।

तिल के बीज के साथ दीये जलाना ग्रहों के प्रकोप को शांत करता है। कुछ ग्रहों की स्थिति हमारे जीवन को काफी हद तक प्रभावित करती है। लेकिन वास्तु के अनुसार घर में तिल के तेल का दीया जलाने से ग्रहों का ये नकारात्मक असर कम हो सकता हैं। हमारे शास्त्रों में इसके कारण का विस्तृत वर्णन है। इनके अनुसार तिल के बीज ऋषि कश्यप के पवित्र शरीर से उत्पन्न हुए थे जब वे ध्यान कर रहे थे। इसलिए भारतीय अनुष्ठानों और पूजाओं में इसका व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। काले तिल नकारात्मकता का अंत दर्शाते है। पूजन, लोहड़ी की आग और हवन में काले तिलों का उपयोग करना जीवन में नकारात्मकता खत्म होने का संकेत देते हैं।

बहुत कम लोगों को पता होगा कि काले तिल रेडिएशन का प्रभाव भी कम करते है। तिल के बीज में पाया जाने वाला कार्बनिक यौगिक जिसे सेसमोल कहा जाता है, हमारे चारों ओर हानिकारक विकिरण के हमारे जीवन पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए जाना जाता है।



 

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