जानिए ! क्यों की जाती है कांडामाई देवी की पूजा

Samachar Jagat | Thursday, 07 Dec 2017 03:56:41 PM
 Why is worship of Kandamaai Devi

धर्म डेस्क। कर्नाटक के यादगिर जिले के कांडकुर गांव में हर साल बिच्छू मेले का आयोजन किया जाता है। यहां आपको बिच्छू ही बिच्छू नजर आएंगे, ये बिच्छू लोगों के शरीर पर रेंगते हैं पर काटते किसी को काटते नहीं हैं। यहां पर स्थित मंदिर में कांडामाई देवी की पूजा की जाती है।

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यहां की मान्यता के अनुसार जो भी भक्त यहां माता के दर्शनों के लिए आता है पूजा ख़त्म होने के बाद उस भक्त के शरीर पर बिच्छू चढ़ जाते हैं। ये बिच्छू भक्त के शरीर पर घूमते हैं लेकिन किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं और बच्चे भी इन बिच्छुओं के साथ खेलने से नहीं डरते हैं।

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यहां की मान्यता के अनुसार बिच्छू अगर उन्हें डंक भी मारेगा तो कोंडामाई उन्हें ज़हर से बचा लेंगी। बिच्छू अगर डंक मार देते हैं तो लोग जड़ी-बूटी का लेप लगा लेते हैं जिसमें हल्दी मिलाई जाती है।

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यहां के लोगों के अनुसार आज तक कोई भी यहां बिच्छू के डंक से ना तो बीमार हुआ है और ना ही मरा है।  इस मेले में यहां के स्थानिय निवासियों के अलावा तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र से भी भक्त आते हैं। 

(SOURCE-GOOGLE)

(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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