जानिए! क्यों कभी 14 तो कभी 15 जनवरी को मनाते हैं मकर संक्रांति

Samachar Jagat | Sunday, 14 Jan 2018 07:04:01 AM
Why Makar Sankranti celebrates on 14 or 15 January

धर्म डेस्क। मकर संक्रांति हिंदू धर्म का प्रमुख त्यौहार है। यह पर्व पूरे भारत में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है। यह त्यौहार अधिकतर जनवरी माह की चौदह तारीख को मनाया जाता है। कभी-कभी यह त्यौहार बारह, तेरह या पंद्रह को भी हो सकता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि सूर्य कब धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है। इस दिन से सूर्य की उत्तरायण गति आरंभ होती है और इसी कारण इसको उत्तरायणी भी कहते हैं। 

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लीप ईयर के कारण हर दो साल में बदलता है संक्रांति का क्रम   

लीप ईयर के कारण संक्रांति का क्रम हर दो साल में बदलता है। 2018 में मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। इसके बाद 2019-20 में वापस से 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनेगी।

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यह क्रम लगातार 2030 तक चलता रहेगा। पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमते हुए प्रतिवर्ष 55 विकला या 72 से 90 सालों में एक अंश पीछे रह जाती है।

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इससे सूर्य मकर राशि में एक दिन देरी से प्रवेश करता है। करीब 1700 साल पहले 22 दिसंबर को मकर संक्रांति होती थी फिर जनवरी तक तिथि खिसक गई।

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(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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