जानिए! क्यों शीतला माता को लगाया जाता है ठंडे पकवानों का भोग

Samachar Jagat | Thursday, 28 Mar 2019 10:58:24 AM
Why Why cold dish is fed to Sheetla Mata

धर्म डेस्क। बड़े ही धूमधाम से शीतलाष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है, सुबह से ही महिलाएं मंदिर में जाकर ठंडे पकवानों का भोग शीतला माता को लगा रही हैं। गली-मोहल्लों में स्थित शीतला माता के मंदिरों में गृहणियां कंडवारे चढ़ाती और माता को बासी पकवानों का भोग लगाती नजर आ रही हैं। माता को पुए, पकौड़ी, पापड़ी, पुड़ी और गुजिया का भोग लगाया जा रहा है। इसके अलावा मां शीतला को प्रिय बाजरे और मक्के की राबड़ी का भोग भी लगाया जा रहा है। माना जाता है कि माता को ठंडी चीजें बहुत पसंद हैं इसीलिए इस दिन ठंडे पकवानों को विशेष महत्व दिया जाता है।

इस दिन कई घरों में चुल्हा नहीं जलाया जाता है और सभी लोग बासी खाना खाते हैं। मां शीतला को संक्रामक रोगों की उद्दारक माना जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन शीतला माता को ठंडे पकवानों का भोग लगाने और शीतला माता की पूजा करने से चेचक, दाने जैसे असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है। वहीं जयपुर से करीब चालीस किमी दूर शीलकी गांव में माता का मंदिर है। यहां हर वर्ष शीतलाष्टमी पर मेला भरता है। इसमें जयपुर, दौसा और टोंक जिले के श्रद्धालु बड़ी संख्या में आकर दर्शन करते हैं तथा माता को बासी पकवानों का भोग लगाते हैं।

आज भी शीतलाष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन शीलकी पहुंचे रहे हैं और माता के दर्शनों के लिए यहां भारी भीड़ उमड़ रही है। गौरतलब है कि शीतलाष्टमी से एक दिन पहले रांदापुआ होता है जिसमें सभी घरों में तरह-तरह के पवकान बनाए जाते हैं और दूसरे दिन यानि शीतलाष्टमी पर इन पकवानों का शीतला माता को भोग लगाया जाता है और सभी पूरे दिन ठंडे व्यंजन खाते हैं। 

(ये सभी जानकारियां शास्त्रों और ग्रंथों में वर्णित हैं, लेकिन इन्हें अपनाने से पहले किसी विशेष पंडित या ज्योतिषी की सलाह अवश्य ले लें।)

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