योगिनी एकादशी : व्रत करने से मिलती है पापों से मुक्ति

Samachar Jagat | Monday, 09 Jul 2018 07:00:01 AM
Yogini Ekadashi: liberation from sins By fasting,

धर्म डेस्क। हिंदू धर्म में एकादशी के व्रत का बहुत महत्व बताया गया है । एक वर्ष में चौबीस एकादशियां पड़ती हैं, उनमें  आषाढ़ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहते हैं। जो व्यक्ति योगिनी एकादशी का व्रत करता है उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं । यह इस लोक में भोग और परलोक में मुक्ति देने वाली है। भगवान विष्णु को योगिनी एकादशी बहुत ही प्रिय है, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ ही दान-पुण्य का विशेष महत्व है। जो व्यक्ति इस दिन पूरे विधि-विधान से पूजा कर व्रत रखता है, वह अनेक प्रकार के सांसारिक सुखों का भोग करते हुए अंत में प्रभु के परमधाम को प्राप्त होते हैं। आइए आपको बताते हैं व्रत की विधि.....

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योगिनी एकादशी के दिन प्रातः स्नान आदि क्रियाओं से निवृत्त होकर भगवान विष्णु का सच्चे मन से पूजन करें।

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योगिनी एकादशी पर पूरे दिन व्रत करें, व्रत में केवल फलाहार करने का विधान है।

रात को मंदिर में दीपदान करके प्रभु नाम का संकीर्तन करते हुए जागरण करें।

दूसरे दिन यथाशक्ति ब्राह्मणों को दान दें, अगर आप चाहें तो इस दिन कन्याओं को भोजन भी करा सकते हैं। 

अगर आपकी क्षमता है तो इस दिन भूखों को खाना खिलाएं, आप इस दिन प्याऊ लगाकर प्यासे लोगों को पानी भी पिला सकते हैं।

(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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