महिलाओं में इस कारण बढ़ रहा है तनाव का खतरा, वजह जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान

Samachar Jagat | Tuesday, 15 Jan 2019 07:15:21 PM
Women are increasing due to this stress hazard, knowing the reason will be yours too

लाइफस्टाइल डेस्क। महिलाओं के चेहरे पर किल—मुंहासे और बाल झडना आम बात हो गई ह। इससे उनमें समाज में शर्म की स्थिति झेलने के साथ—साथ तनाव और अवसाद का शिकार होने लगती है। इस स्थिति को ओवररियन सिंड्रोम कहा जाता है। यदि इसका जल्दी उचित उपचार मिलने से भावनात्मक तनाव कम हो सकता है। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम वास्तव में एक मेटाबोलिक , हार्मोनल और साइकोसोशल बीमारी है। जिसका प्रबंधन किया जा सकता है। यदि इसका समय पर ध्यान नहीं दिया तो आपको जीवन पर बुरा प्रभाव भी पड़ जा सकता है। 


एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पांच में से एक वयस्क महिला और पांच में से दो किशोरी  PCOAS से शिकार है। इसका सबसे बुरे लक्षण मुंहासे और हिरसुटिज्म है। पीसीओएस का मुख्य लक्षण हाइपरएंड्रोजेनिज्म है। जिसका आशय है ​कि महिला शरीर में एंड्रोजन्स की उच्च मात्रा। इस स्थिति में महिला के बाल आ जाते है। 

दिल्ली में ऑब्स्टेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी की निदेशक व दिल्ली गायनेकोलॉजिस्ट फोरम (दक्षिण) की अध्यक्ष डॉ. मीनाक्षी आहूजा ने कहा है कि त्वचा की स्थितियों जैसें मुंहासे और चेहरे पर बाल को आम तौर पर कॉस्मेटिक समस्या समझा जाता है। इसके साथ ही इस बात का महिलाओं को पता होना चाहिए कि यह PCOAS  के लक्षण है। हार्मोनल असंतुलन तथा इंसुलिन प्रतिरोधकता जैसे कारणों के उपचार हेतु डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। 

 डॉ. मीनाक्षी आहूजा ने कहा कि PCOAS  एक ​चुनौतीपूर्ण सिंड्रोम है। लेकिन जोखिमों का प्रबंधन करने के पर्याप्त अवसर है। इसके साथ ही इसके लिए इसके बारे में बेहतर जागरूकता आवश्कता है। ताकि महिलाएं इसके लक्षणों को पहचानें और सही समय पर सही मेडिकल सहायता ले। 



 

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